जापान का त्वरित चुनाव संपन्न होने के बाद आकलन
टोक्योः जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के साहसिक राजनीतिक जुए ने देश की राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। रविवार को भारी बर्फबारी के बीच हुए स्नैप इलेक्शन (मध्यावधि चुनाव) के शुरुआती परिणामों और एग्जिट पोल ने ताकाइची की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी को एक प्रचंड और ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ते दिखाया है।
ओपिनियन पोल्स के अनुसार, ताकाइची के नेतृत्व वाला गठबंधन न केवल बहुमत, बल्कि संसद के निचले सदन में दो-तिहाई सुपरमैजॉरिटी हासिल करने की स्थिति में है। जापानी मीडिया एनएचके के शुरुआती रुझानों के अनुसार, 465 सीटों वाले निचले सदन में एलडीपी अकेले ही 300 से अधिक सीटें जीतती दिख रही है।
अपने सहयोगी दल कोमेइतो के साथ मिलकर यह गठबंधन 350 के जादुई आंकड़े के करीब पहुंच सकता है। प्रधानमंत्री ताकाइची ने पद संभालने के मात्र तीन महीने बाद ही संसद भंग कर चुनाव कराने का फैसला किया था, जिसका उद्देश्य भ्रष्टाचार के पुराने आरोपों से जूझ रही अपनी पार्टी के लिए जनता का नया जनादेश प्राप्त करना था। यह निर्णय उनके पक्ष में जाता दिख रहा है। समाचार लिखे जाते वक्त वह स्पष्ट बहुमत के साथ चुनाव जीत चुकी हैं।
ताकाइची का चुनावी अभियान मुख्य रूप से अर्थव्यवस्था को नई गति देने पर केंद्रित रहा। उन्होंने बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए आक्रामक वित्तीय उपायों और करों में कटौती के वादे किए हैं। उनके आर्थिक सुरक्षा के मॉडल को जनता ने हाथों-हाथ लिया है। विश्लेषकों का मानना है कि उनकी जीत के बाद जापान में परमाणु ऊर्जा की ओर वापसी और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के प्रयासों को और गति मिलेगी, जिससे बिजली की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाई जा सके।
विदेश नीति के मोर्चे पर, ताकाइची को एक सख्त रुख वाला नेता माना जाता है। उन्होंने रक्षा बजट को जीडीपी के 2 फीसद से ऊपर ले जाने और जापान की सैन्य क्षमताओं को आधुनिक बनाने का संकल्प लिया है। चीन के साथ क्षेत्रीय तनाव और ताइवान जलडमरूमध्य में बढ़ती अस्थिरता के बीच, जापानी मतदाताओं ने एक मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता महसूस की है। यदि आधिकारिक नतीजे एग्जिट पोल के अनुरूप रहे, तो जापान अपनी शांतिवादी संविधान की सीमाओं को चुनौती देते हुए अधिक आक्रामक रक्षा नीति अपना सकता है।
हालांकि, विपक्षी कांस्टीट्यूशनल डेमोक्रेटिक पार्टी ने एलडीपी के भीतर स्लश फंड स्कैंडल और भ्रष्टाचार के मुद्दों को उठाकर घेराबंदी की कोशिश की, लेकिन वे ताकाइची की व्यक्तिगत लोकप्रियता और आयरन लेडी वाली छवि का मुकाबला करने में विफल रहे। यह चुनाव न केवल जापान की घरेलू दिशा तय करेगा, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के प्रभाव को संतुलित करने के लिए भारत और अमेरिका जैसे सहयोगियों के साथ जापान की साझेदारी को और भी मजबूत करेगा।