बीडीओ कार्यालय पर जीवितों का प्रदर्शन
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः शनिवार को मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया की सुनवाई का अंतिम दिन था। इससे ठीक पहले बादुड़िया में एक गंभीर आरोप सामने आया है। भाजपा पर 33 जीवित मतदाताओं को मृत दिखाकर फॉर्म-7 भरने और जमा करने का आरोप लगा है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे एक बड़ी साजिश करार दिया है, वहीं प्रभावित मतदाताओं ने बीडीओ कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने इस घटना पर रिपोर्ट तलब की है।
यह घटना चंडीपुर ग्राम पंचायत के बैना गांव के बूथ संख्या 45 और यशईकाटी-आठघरा ग्राम पंचायत के बूथ संख्या 80 में हुई है। कुल 33 जीवित मतदाताओं को फॉर्म-7 का उपयोग करके मृत दिखाया गया है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि भाजपा ने सुनियोजित तरीके से यह काम किया है ताकि उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकें। मतदाताओं का कहना है कि बिना किसी नोटिस या सत्यापन के उन्हें कागजों पर मृत घोषित कर दिया गया, जो उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने की कोशिश है।
स्थानीय तृणमूल नेता महबूब आलम ने कहा, चुनाव करीब हैं। एसआईआर प्रक्रिया का फायदा उठाकर भाजपा जीवित मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश कर रही है। सुनवाई के बाद संबंधित भाजपा बूथ अध्यक्ष के खिलाफ बादुड़िया थाने में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। दूसरी ओर, भाजपा ने इन आरोपों को पलटते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस एसआईआर प्रक्रिया को बाधित करने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रही है।
बादुड़िया ब्लॉक के बीडीओ पार्थ हाजरा ने बताया कि कुछ मतदाताओं ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है और मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है। इस बीच, राज्य के सीईओ कार्यालय ने उत्तर 24 परगना के जिलाधिकारी से पूरी घटना और चुनाव अधिकारियों के साथ हुई कथित बदसलूकी पर रिपोर्ट मांगी है।
इसी तरह की एक अन्य घटना गायघाटा के धर्मपुर 1 नंबर ग्राम पंचायत के नाइगाछी (बूथ संख्या 148) में भी सामने आई है। यहाँ भी भाजपा पर 6 जीवित मतदाताओं—जिनमें 70 वर्षीय अकबर मंडल, हनीफ मंडल और अन्य शामिल हैं—को मृत दिखाकर फॉर्म-7 जमा करने का आरोप लगा है। इन मतदाताओं ने कहा, हम नियमित वोट देते हैं, फिर भी स्थानीय भाजपा नेताओं ने हमें कागजों पर मृत बनाने की कोशिश की।