Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bhojshala Dhar News: मां वाग्देवी की प्रतिमा भारत लाने की मांग तेज; सनातन महासंघ के पदाधिकारियों ने ... Dewas Road Accident: शिप्रा अमलतास हाईवे पर भीषण हादसा; कार की टक्कर से 2 बाइक सवारों की मौत, ग्रामी... Dindori Road Accident: शहपुरा में भीषण सड़क हादसा; तेज रफ्तार कार ट्रक से टकराई, एक युवक की मौत Bhopal Stunt Video: पुणे से पटना जा रही कार के साथ भोपाल की सड़कों पर स्टंटबाजी; चालक गिरफ्तार, गाड़... Chitrakoot Power Crisis: जज के बंगले की बिजली कटी तो पूरे शहर में हुआ अंधेरा; चित्रकूट विवाद ने पकड़ा... Twisha Sharma Case: रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह CBI की गिरफ्त में; 14 तीखे सवालों से खुलेगा मौत का राज... Ghaziabad Murder Case: खोड़ा में सूर्या चौहान की हत्या पर मायावती का बड़ा बयान; सरकार को दी सख्त चेता... UP Electricity Bill Hike: यूपी में बिजली हुई महंगी; जून के बिल में 10% अतिरिक्त सरचार्ज का झटका, जान... NDA 150th Passing Out Parade: एनडीए की भव्य पासिंग आउट परेड संपन्न; 353 कैडेट्स बने अधिकारी, 18 महिल... IPL 2026 Qualifier 2: रियान पराग ने 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को क्यों डांटा? मैच के बाद वायरल वीडियो...

AI in Engineering: अब भूकंप से नहीं गिरेंगी इमारतें! AI तकनीक से तैयार होगा बिल्डिंग डिजाइन, इंजीनियरों को दी गई ट्रेनिंग

छिंदवाड़ा: भूकंप अगर आ जाए तो मकान से लेकर सब कुछ तहस नहस हो जाता है, लेकिन बिल्डिंग बनाने के पहले ही अगर कुछ तैयारी कर ली जाए तो ये थोड़ी सी तैयारी से हम बड़ी दुर्घटना को कैसे बचा सकते हैं, इसके लिए भूकंप रोधी ट्रेनिंग छिंदवाड़ा में PWD के इंजीनियरों को दी गई.

तीन दिनों तक बताया गया डिजास्टर मैनेजमेंट

छिंदवाड़ा के जिला पंचायत परिसर में तीन दिनों तक आपदा से निपटने के लिए पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को भोपाल के अधिकारियों ने ट्रेनिंग दी. उन्होंने बताया कि अगर कोई आपदा आती है, तो सबसे पहले जनहानि को कैसे कंट्रोल किया जा सकता है. तैयारी एवं क्षमतावर्धन कार्यक्रम के लिए कार्यपालन यंत्री एसएस ठाकुर ने बताया कि “नोडल अधिकारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के समन्वय से प्रशिक्षण में प्रतिभागी भूकंप आपदा प्रबंधन, बिल्डिंग कोड्स, फायर सेफ्टी कोड, स्ट्रक्चर एनालिसिस सॉफ्टवेयर आदि के विषय में प्रशिक्षण दिया गया.”

भूकंप से बचाने जे लिए बिल्डिंग का निर्माण कैसे करें

आपदा प्रबंधन संस्थान के अधिकारी तुषार गोलाइत ने बताया कि “जब भूकंप आता है, तो सबसे पहले कोई भी बिल्डिंग को नुकसान पहुंचता है. अगर उन बिल्डिंगों का निर्माण भूकंपरोधी तरीके से किया जाए, तो बड़े नुकसान को टाला जा सकता है. इसीलिए पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों के लिए विशेष तौर पर यह प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया था. इसमें बिल्डिंग निर्माण के पहले स्ट्रक्चर तैयार करना और लोहे के सरिए को बांधने की तकनीक से लेकर जमीन के समतलीकरण का विशेष ध्यान देने की बात कही गई थी. इन सभी बातों को लेकर तीन दिनों तक लगातार प्रशिक्षण दिया गया.

एआई तकनीक का सहारा और क्विक रेस्क़ुए कैसे करें

पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को स्पेशलिस्ट अधिकारियों ने बताया आजकल एआई तकनीक का सहारा लेकर चीजें आसान की जा सकती है. बिल्डिंग निर्माण में भी एआई तकनीक का विशेष सहयोग लेकर डिजाइन और उपयोग किये जाने वाले मेटेरियल को अधिक टिकाऊ बनाया जा सकता है. उसके साथ ही SDRF की टीम को बाढ़ आने और आग लगने जैसे हालातों पर कैसे काबू पाना जैसे तरीकों पर भी क्विक रिस्पॉन्स कैसे किया जाए, इसको लेकर भी ट्रेनिंग दी गई.