Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM Modi on Gaming: ‘भारतीय कहानियों पर गेम बनाएं बच्चे’, पीएम मोदी बोले- गेमिंग सिर्फ शौक नहीं, करिय... Sabarimala Gold Theft Case: सबरीमला सोना चोरी केस में एक्टर जयराम से पूछताछ करेगी ED, मुख्य आरोपी पो... Rahul Gandhi on Janakpuri: ‘असली कातिल सड़क नहीं, सत्ता है’, जनकपुरी हादसे पर राहुल गांधी का सरकार प... Jaipur: भांकरोटा में कीमती जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, कंपनी का दावा- 'मिलीभगत से बदला गया लैंड रिकॉ... Delhi: 'जनकपुरी हादसा नोएडा के इंजीनियर की मौत जैसा', अपनी ही सरकार पर बरसे AAP नेता; दिल्ली में सड़... FASTag Annual Pass: हाईवे यात्रियों के लिए सुपरहिट साबित हुआ FASTag सालाना पास, मात्र 6 महीने में जु... Salman Khan Case: एक्टर सलमान खान को आंशिक राहत, गिरफ्तारी वारंट की वैधता पर उठे सवाल; अब 9 फरवरी को... Jalaun Rape Case: जालौन रेप केस में नया मोड़; पिता ने दर्ज कराई FIR, तो बेटी ने वीडियो जारी कर कहा- ... Deportation Data: विदेश में अवैध तरीके से रह रहे भारतीयों पर शिकंजा, 5 साल में 1.6 लाख से ज्यादा निर... PNB Gold Loan Scam: पीएनबी में 6.50 करोड़ के गोल्ड घोटाले का मास्टरमाइंड अमित जांगिड़ गिरफ्तार, असली...

UP SDM Suspended: योगी सरकार का बड़ा एक्शन; गाजियाबाद, एटा और बुलंदशहर के SDM सस्पेंड, जानें क्या है चंदौली जमीन घोटाला

चंदौली में सरकारी और ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जेदारों के पक्ष में काम करने के आरोप में तीन एसडीएम अधिकारियों को यूपी सरकार ने निलंबित कर दिया है. मामला जिले के पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर से जुड़ा है, जहां तहसीलदार के पद पर तैनात रहते हुए इन अधिकारियों ने कथित तौर पर नियमों की अनदेखी की और अवैध कब्जेदारों को फायदा पहुंचाने वाले आदेश जारी किए.

निलंबित अधिकारियों में एसडीएम लालता प्रसाद वर्तमान में गाजियाबाद में तैनात हैं. सतीश कुमार वर्तमान में एटा में तैनात हैं और विराग पांडेय वर्तमान में बुलंदशहर में तैनात हैं. शासन ने इन तीनों को निलंबन की अवधि में आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद के कार्यालय से संबद्ध कर दिया है. निलंबन का आदेश प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज की ओर से जारी किया गया है.

कैसे खुला राज?

यह पूरा मामल तब सामने आया, जब चंदौली के जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने विभिन्न निस्तारित पत्रावलियों का निरीक्षण किया. जांच में पाया गया कि कई मामलों में खलिहान, चकमार्ग, कब्रिस्तान, परती और बंजर जैसी ग्राम समाज की संपत्ति पर अवैध कब्जे के खिलाफ पहले से जारी बेदखली और वसूली के आदेशों को वापस ले लिया गया था.

अवैध कब्जेदारों के पक्ष में दिया फैसला

इन पत्रावलियों में पहले ही बेदखली के आदेश पारित हो चुके थे, लेकिन तत्कालीन तहसीलदारों ने पीठासीन अधिकारी की हैसियत से इन आदेशों को रद्द कर अवैध कब्जेदारों के पक्ष में फैसला दिया. डीएम गर्ग ने इस अनियमितता पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया, जिसमें एडीएम न्यायिक, एसडीएम चकिया और एसडीएम चंदौली शामिल थे.

जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि तीनों अधिकारियों ने ग्राम सभा की संपत्ति को क्षति पहुंचाने के मामलों में नियमों का उल्लंघन किया और चुनिंदा कब्जेदारों के पक्ष में आदेश पारित किए. जांच के आधार पर डीएम ने शासन को कार्रवाई की संस्तुति भेजी, जिसके बाद शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों को निलंबित कर दिया.

यह मामला तीन अलग-अलग जिलों में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़ा है. अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच जारी रहेगी और यदि दोष सिद्ध हुआ तो आगे की सख्त कार्रवाई हो सकती है. इस घटना से यह संदेश साफ है कि सरकारी भूमि की सुरक्षा और नियमों का पालन सुनिश्चित करने में प्रशासन किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगा. जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने इस मामले में पारदर्शिता और सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं.