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किंग चार्ल्स ने प्रिंस एंड्रयू को किया निष्कासित

बकिंघम पैलेस के भीतर का पुराना विवाद उभर आया

लंदन: ब्रिटिश राजशाही के आधुनिक इतिहास में एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए, किंग चार्ल्स 3 ने अपने छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू के खिलाफ अब तक की सबसे कठोर कार्रवाई की है। पिछले 10 घंटों में उभरी रिपोर्टों के अनुसार, किंग ने आधिकारिक तौर पर प्रिंस एंड्रयू को उनके दशकों पुराने निवास, रॉयल लॉज, को खाली करने का आदेश दिया है।

यह फैसला न केवल एक पारिवारिक विवाद है, बल्कि ब्रिटिश राजतंत्र की छवि को बेदाग रखने की एक बड़ी रणनीतिक कोशिश मानी जा रही है। प्रिंस एंड्रयू का नाम पिछले कई वर्षों से कुख्यात जेफरी एपस्टीन यौन शोषण मामले से जुड़ा रहा है। हाल ही में सार्वजनिक किए गए नए अदालती दस्तावेजों में एंड्रयू के संदर्भों ने आग में घी डालने का काम किया है। हालांकि प्रिंस ने हमेशा इन आरोपों से इनकार किया है, लेकिन जनता के बढ़ते आक्रोश और शाही संस्थान की गिरती साख को देखते हुए किंग चार्ल्स ने अंततः यह कठोर निर्णय लिया।

किंग चार्ल्स लंबे समय से स्लिम-डाउन मोनार्की (सीमित और प्रभावी राजपरिवार) के पक्षधर रहे हैं। उनका मानना है कि करदाताओं के पैसे पर चलने वाले राजपरिवार को केवल सक्रिय और विवाद-मुक्त सदस्यों तक ही सीमित रहना चाहिए। प्रिंस एंड्रयू, जिन्होंने 2022 में अपनी सैन्य उपाधियाँ और शाही संरक्षण खो दिए थे, अब अपनी अंतिम बड़ी शाही सुविधा—रॉयल लॉज—भी खो चुके हैं। यह 30 कमरों वाला आलीशान निवास विंडसर एस्टेट का हिस्सा है, जिसे अब किंग किसी और उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं।

पैलेस के करीबी सूत्रों के अनुसार, प्रिंस एंड्रयू को पूरी तरह सड़क पर नहीं छोड़ा गया है। उन्हें विंडसर एस्टेट के ही भीतर एक अपेक्षाकृत छोटे निवास, फ्रॉगमोर कॉटेज (जो पहले प्रिंस हैरी और मेगन मार्कल का घर था), में स्थानांतरित होने का विकल्प दिया गया है। हालांकि, एंड्रयू द्वारा इस डिमोशन को स्वीकार करने पर संशय बना हुआ है। इस फैसले ने शाही परिवार के भीतर भी गुटबाजी और तनाव पैदा कर दिया है, जहाँ कुछ सदस्य इसे नैतिकता के लिए जरूरी मान रहे हैं, तो कुछ इसे एक भाई के प्रति बहुत अधिक कठोरता।

ब्रिटिश मीडिया और आम जनता के एक बड़े वर्ग ने किंग चार्ल्स के इस कदम की सराहना की है। इसे एक संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि आधुनिक ब्रिटेन में कोई भी, यहाँ तक कि किंग का भाई भी, कानून और नैतिकता से ऊपर नहीं है। आने वाले दिनों में राजपरिवार की आधिकारिक वेबसाइट से एंड्रयू के बचे हुए डिजिटल संदर्भों और चित्रों को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है, जो उनके शाही जीवन के औपचारिक अंत का प्रतीक होगा।