यदाद्री भुवनगिरी जिला में अब तक राहत नहीं मिली
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पशुपालक पहुंचे तो हमले का पता चला
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पूरे इलाके में लगातार घूम रहा है बाघ
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लोगों को रात में बाहर नहीं जाने को कहा
राष्ट्रीय खबर
हैदराबादः तेलंगाना के यदाद्री भुवनगिरी जिले में बाघ का आतंक चरम पर पहुँच गया है। बुधवार सुबह आलेयर मंडल के शरजीपेट गाँव में एक गाय के शिकार के साथ ही बाघ द्वारा किए गए शिकारों की कुल संख्या सात हो गई है। बुधवार सुबह जब शरजीपेट गाँव के एक पशुपालक अपने शेड में पहुँचे, तो उन्होंने अपनी गाय को मृत पाया।
बाघ ने न केवल गाय को बुरी तरह घायल किया था, बल्कि उसका कुछ हिस्सा खा भी लिया था। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वन विभाग के अनुसार, बाघ की गतिविधियों का सिलसिला इस प्रकार रहा है। मंगलवार सुबह राजपेट मंडल के बसंतपुर गाँव में एक बछड़े का शिकार किया। मंगलवार शाम आलेयर मंडल के श्रीनिवासपुरम गाँव में एक और बछड़े को मार गिराया। बुधवार तड़के टांगुटूर गाँव के पास बाघ के पदचिह्न देखे गए, जिससे स्थानीय युवाओं में हड़कंप मच गया।
वन अधिकारियों का अनुमान है कि बाघ टांगुटूर से शरजीपेट की ओर बढ़ा है, जिनके बीच की दूरी मात्र 3 किलोमीटर है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने निर्देश पर वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में दो बड़े पिंजरे लगाए हैं और टीम लगातार पदचिह्नों का पीछा कर रही है। जिला कलेक्टर एम. हनुमंत राव ने प्रभावित गाँवों का दौरा किया और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। सरपंच एम. सुधाकर ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे तड़के खेतों में न जाएं और सूर्यास्त से पहले सुरक्षित स्थानों पर लौट आएं।
यदाद्री भुवनगिरी जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रहे हमलों ने वन्यजीव प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्तमान में वन विभाग और पुलिस टीम मिलकर बाघ को पकड़ने या उसे सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास में जुटी है। ग्रामीणों के बीच वॉट्सऐप ग्रुपों के माध्यम से जानकारी साझा की जा रही है ताकि कोई बड़ी अनहोनी न हो।