Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
MP POCSO Cases: मध्य प्रदेश में न्याय की सुस्त रफ्तार, पॉक्सो ट्रायल में लग रहे 380 दिन; 10 हजार से ... MP Police New Rules: मध्य प्रदेश में अब पुलिस नहीं कर पाएगी मनमानी, गिरफ्तारी का लिखित आधार देना अनि... Guna Railway Update: अंडरब्रिज में पानी भरते ही बज उठेगा अलार्म, गुना में रेलवे का हाईटेक प्रयोग; CC... जमानत पर छूटे अपहरण के आरोपी की बेरहमी से हत्या, पीड़िता के परिवार ने फोड़ डाली आंखें; कुएं में फेंक... Ujjain News: नारी शक्ति वंदन अधिनियम की खुशी में महिलाओं का 'चौका-छक्का', उज्जैन में आयोजित हुई अनोख... MP Weather Alert: मध्य प्रदेश में 43 डिग्री के साथ नर्मदापुरम सबसे गर्म, भीषण गर्मी के कारण बदला स्क... MP Road Revolution: नर्मदापुरम से खुलेगा दिल्ली-मुंबई का सीधा रास्ता, मध्य प्रदेश में सड़क क्रांति स... MP News: मध्यप्रदेश में अब नहीं जलेगी पराली, मल्चर मशीन से खाद बनेगी फसल के अवशेष; जानें कैसे बढ़ेगी ... Dewas: देवास में अचानक हथौड़ा लेकर क्यों दौड़े कलेक्टर ऋषव गुप्ता? सामने आई इसके पीछे की ये दिलचस्प ... MP Weather Update: मध्य प्रदेश में गर्मी का टॉर्चर, दोपहर 12 से 3 बजे तक 'नो गो जोन' घोषित; भट्टी की...

कविगुरु के नोबल पुरस्कार पर भाजपा अध्यक्ष का बयान

भाजपा ने टीएमसी को दिया नया हथियार

राष्ट्रीय खबर

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बयानों का युद्ध छिड़ गया है। भाजपा के नवनियुक्त अखिल भारतीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा दुर्गापुर में दिए गए एक भाषण ने तृणमूल कांग्रेस को बैठे-बिठाए एक नया राजनीतिक हथियार दे दिया है। बुधवार को दुर्गापुर में एक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने बंगाली मनीषियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वामी विवेकानंद और रामकृष्ण परमहंस का उल्लेख करने के बाद जब वे रवींद्रनाथ ठाकुर पर आए, तो उन्होंने कहा कि कविगुरु को उनकी शिक्षा पद्धति के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था।

यह तथ्यात्मक रूप से गलत है, क्योंकि रवींद्रनाथ ठाकुर को 1913 में उनकी काव्य रचना गीतांजलि के लिए साहित्य में नोबेल पुरस्कार मिला था। टीएमसी ने तुरंत इस गलती को पकड़ लिया और सोशल मीडिया पर भाजपा अध्यक्ष को अयोग्य बताते हुए घेरा। कुणाल घोष सहित अन्य नेताओं ने नितिन नवीन से माफी की मांग की है।

भाषण के अंत में नवीन ने जय बंगाल और फिर जय भारत के नारे लगाए। इस पर भी राजनीति गरमा गई है। तृणमूल ने अभिषेक बनर्जी के पुराने भाषण का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने 2026 तक भाजपा से जय बांग्ला कहलवाने की जो चुनौती दी थी, वह आज पूरी हो गई।

भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि उनके नेता ने जय बांग्ला (जो उनके अनुसार एक इस्लामिक नारा है) नहीं, बल्कि जय बंगाल कहा है, जिसकी जड़ें भारतीयता में हैं। भाजपा ने टीएमसी पर तंज कसते हुए कहा कि जय बंगाल और जय बांग्ला में वही अंतर है जो एक वैध भारतीय मतदाता और एक अवैध घुसपैठिये में होता है।

यह विवाद नया नहीं है। इससे पहले पीएम मोदी द्वारा बंकिमचंद्र को बंकिमदा कहने या अमित शाह द्वारा रवींद्रनाथ के नाम के उच्चारण को लेकर भी तृणमूल कांग्रेस भाजपा को बाहरी होने के तंज के साथ घेरती रही है। जहाँ भाजपा इसे मानवीय भूल या अलग संदर्भ बता रही है, वहीं टीएमसी इसे बंगाल की संस्कृति के प्रति भाजपा की अज्ञानता के रूप में पेश कर रही है।