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अजीत पवार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

देश के कई प्रमुख नेताओं ने शामिल होकर दी अंतिम विदाई

  • राजकीय सम्मान और अंतिम विदाई

  • एक राजनीतिक विरासत का समापन

  • हादसे की जांच का सरकारी आदेश जारी

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः महाराष्ट्र की राजनीति के एक युग का अंत करते हुए, वरिष्ठ राजनेता अजीत पवार का अंतिम संस्कार गुरुवार को उनके पैतृक निवास स्थल पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर जनसैलाब उमड़ पड़ा और देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं ने उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

महाराष्ट्र सरकार के प्रोटोकॉल के अनुसार, अजीत पवार के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया था। पुलिस बल के विशेष दस्ते ने हवा में गोलियां चलाकर उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर रखा गया था, जहाँ हज़ारों की संख्या में समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने “अजीत दादा अमर रहें” के नारों के साथ उन्हें विदाई दी।

अंतिम संस्कार में राजनीतिक जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। केंद्र सरकार की ओर से कई केंद्रीय मंत्रियों ने शिरकत की, जो अजीत पवार के दिल्ली की राजनीति और गठबंधन सरकार में उनके महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।

राज्य नेतृत्व: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, विपक्षी दलों के नेता और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि इस शोक सभा में मौजूद रहे। पवार परिवार के सभी सदस्य इस दुख की घड़ी में एक साथ नज़र आए। बता दें कि एक जनसभा में हवाई जहाज से भाग लेने जा रहे पवार की इसी विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गयी थी। सरकार ने इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिये हैं।

अजीत पवार को उनकी प्रशासनिक पकड़, निर्णय लेने की त्वरित क्षमता और महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास, विशेषकर सहकारी क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व कार्य के लिए याद किया जाएगा। कई दशकों तक महाराष्ट्र की सत्ता के केंद्र में रहे पवार ने राज्य की राजनीति को एक नई दिशा दी थी। उनके निधन को राज्य के लिए एक बड़ी “अपूरणीय क्षति” बताया जा रहा है। प्रशासन ने अंतिम संस्कार के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए पूरे महाराष्ट्र से लोग पहुंचे थे, जो उनकी जनप्रिय छवि का प्रत्यक्ष प्रमाण था।