भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय में नये अध्यक्ष की ताजपोशी करायी
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पार्टी के तमाम बड़े नेता रहे मौजूद
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नये अध्यक्ष पर एनडीए का बोझ भी
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पूर्व के अध्यक्षों के योगदान को याद दिया
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली, 20 जनवरी 2026: भारतीय जनता पार्टी के सांगठनिक इतिहास में आज एक नए अध्याय की शुरुआत हुई जब 45 वर्षीय युवा नेता नितिन नबीन को निर्विरोध पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया। इस अवसर पर नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित संगठन पर्व के भव्य समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल नए अध्यक्ष का स्वागत किया, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और पार्टी अनुशासन की एक अनुकरणीय मिसाल भी पेश की।
अनुशासन और पद की गरिमा प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में अत्यंत विनम्रता के साथ सांगठनिक पदानुक्रम को स्पष्ट करते हुए कहा, पार्टी से जुड़े विषयों और सांगठनिक निर्णयों के मामले में माननीय नितिन नबीन जी अब हम सभी के अध्यक्ष हैं। सांगठनिक ढांचे के भीतर मैं केवल एक कार्यकर्ता हूँ और नितिन जी मेरे बॉस हैं।
प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी को राजनीतिक विशेषज्ञों द्वारा पार्टी के भीतर आंतरिक लोकतंत्र और वरिष्ठता के ऊपर सांगठनिक पद की सर्वोच्चता को स्थापित करने के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब पार्टी की दिशा और दशा तय करने की प्राथमिक जिम्मेदारी नबीन की होगी।
मिलेनियल पीढ़ी और आधुनिक नेतृत्व नितिन नबीन के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने उन्हें मिलेनियल नेता की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि नबीन उस पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसने भारत की विकास यात्रा के दो विपरीत ध्रुवों को देखा है।
श्री मोदी ने विस्तार से बताया कि कैसे यह पीढ़ी बचपन में रेडियो पर समाचार सुनने से लेकर आज की अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल क्रांति तक के सफर की गवाह रही है। प्रधानमंत्री के अनुसार, नबीन के पास न केवल युवाओं जैसी ऊर्जा है, बल्कि दशकों के सांगठनिक कार्य का व्यापक अनुभव भी है, जो भाजपा जैसी दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी को चलाने के लिए अनिवार्य है।
एनडीए और भविष्य की चुनौतियां प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त अध्यक्ष के कंधों पर रखी जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि नितिन नबीन का कार्य केवल भाजपा के आंतरिक प्रबंधन तक सीमित नहीं है। उन्हें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के एक व्यापक कुनबे को साथ लेकर चलना होगा। आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए, सहयोगियों के बीच तालमेल बिठाना और गठबंधन की एकता को सुदृढ़ करना उनके कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण अग्निपरीक्षा होगी।
भाजपा की गौरवशाली विरासत का स्मरण अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा की स्थापना से लेकर अब तक के सफर और पूर्व अध्यक्षों के योगदान को विस्तार से याद किया। उन्होंने कहा कि, अटल-आडवाणी-जोशी युग की त्रिमूर्ति के नेतृत्व में पार्टी ने वैचारिक नींव रखी और शून्य से शिखर तक की यात्रा तय की।
नायडू और गडकरी के कार्यकाल में संगठन का ढांचागत विस्तार हुआ और पार्टी नई ऊंचाइयों पर पहुंची। राजनाथ सिंह के नेतृत्व में भाजपा ने पहली बार अपने दम पर पूर्ण बहुमत प्राप्त कर इतिहास रचा। अमित शाह के कालखंड में भाजपा एक अपराजेय चुनावी मशीन के रूप में उभरी और लगातार दूसरी बार केंद्र में प्रचंड बहुमत के साथ लौटी। जे.पी. नड्डा जी के कार्यकाल में पार्टी पंचायत से पार्लियामेंट तक न केवल फैली, बल्कि सबसे शक्तिशाली सांगठनिक स्वरूप में सामने आई।
प्रधानमंत्री ने अंत में विश्वास व्यक्त किया कि नितिन नबीन इसी महान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पार्टी को 21वीं सदी की नई आकांक्षाओं के अनुरूप तैयार करेंगे। इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और निवर्तमान अध्यक्ष जे.पी. नड्डा सहित पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।