इराक में सैन्य संप्रभुता की नई शुरुआत
बगदादः इराकी अधिकारियों ने घोषणा की कि अमेरिकी सेना ने पश्चिमी इराक में स्थित एक प्रमुख हवाई अड्डे से अपनी वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इराक सरकार के साथ हुए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा समझौते के कार्यान्वयन के तहत, इराकी बलों ने अब इस रणनीतिक ठिकाने का पूर्ण नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया है। यह घटनाक्रम इराक में विदेशी सैन्य उपस्थिति को समाप्त करने और देश की सुरक्षा को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
वाशिंगटन और बगदाद के बीच साल 2024 में एक ऐतिहासिक सहमति बनी थी, जिसके तहत इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ने वाले अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन को सितंबर 2025 तक चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया था। इस समझौते के अनुसार, अमेरिकी सैनिकों को उन सैन्य ठिकानों को खाली करना था जहाँ वे पिछले एक दशक से तैनात थे। एन अल-असद बेस से सैनिकों की हालिया वापसी इसी कूटनीतिक और सैन्य प्रक्रिया का अंतिम हिस्सा है।
हालांकि यह वापसी काफी व्यापक है, लेकिन इराकी प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा की बदलती परिस्थितियों के कारण कुछ बदलाव किए गए हैं। मूल योजना के अनुसार सितंबर तक पूरी तरह सैन्य वापसी होनी थी, लेकिन सीरिया में हालिया घटनाक्रमों और वहां उपजी अस्थिरता को देखते हुए, बेस पर एक छोटी इकाई को बनाए रखने का निर्णय लिया गया है। इस इकाई में लगभग 250 से 350 सैन्य सलाहकार और सुरक्षा कर्मी शामिल हैं, जो रणनीतिक सहयोग और परामर्श प्रदान करना जारी रखेंगे।
एन अल-असद एयर बेस का नियंत्रण वापस मिलना इराकी सेना के लिए न केवल सैन्य बल्कि राजनीतिक रूप से भी गर्व का विषय है। यह बेस आईएस के खिलाफ अभियान चलाने के लिए एक केंद्रीय केंद्र रहा है। अब चुनौती यह है कि इराकी सुरक्षा बल बिना प्रत्यक्ष विदेशी सैन्य सहायता के क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता कैसे बनाए रखते हैं। राष्ट्रपति अल-सुदानी की सरकार का मानना है कि इराकी संस्थाएं अब इतनी सक्षम हो चुकी हैं कि वे आंतरिक और सीमा पार के खतरों से निपट सकें। यह कदम मध्य पूर्व में अमेरिका की बदलती भूमिका और इराक की पूर्ण संप्रभुता की दिशा में एक निर्णायक मोड़ है।