Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
घुटना रिप्लेसमेंट की विकल्प तकनीक विकसित Hyderabad Fire Tragedy: हैदराबाद फर्नीचर शोरूम में भीषण आग, बेसमेंट में जिंदा जले 5 लोग, 22 घंटे बाद... अकील अख्तर ने थामा पतंग का साथ! झारखंड में AIMIM का बड़ा दांव, पाकुड़ की राजनीति में मचेगी हलचल मिर्जापुर जिम धर्मांतरण मामला: कोर्ट ने आरोपी इमरान को भेजा जेल, 14 दिन की जुडिशियल रिमांड पर फैसला Singrauli Mine Collapse: सिंगरौली में बड़ा हादसा, मिट्टी की खदान धंसने से 3 लोगों की मौत, 2 की हालत ... MBMC Election Results 2026: मीरा भयंदर में बीजेपी का दबदबा, लेकिन मेयर की कुर्सी के लिए विपक्षी एकजु... देश की नौकरशाही पर लगाम कसने की नई चाल Suicide Case: पिता ने टोकना तो नाराज हुआ बेटा, ऑटो के अंदर फंदा लगाकर दी जान; परिजनों का रो-रोकर बुर... शंकराचार्य मुद्दे पर योगी और केशव मौर्य की तल्खी Gwalior Crime: ग्वालियर में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का भंडाफोड़, शादी के नाम पर ठगने वाली दुल्हन समेत 7...

यूएई के राष्ट्रपति का भारत दौरा होगा

मध्यपूर्व की अस्थिर अवस्था के बीच कूटनीतिक पहल

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार को भारत की आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक बदलावों के बीच इस यात्रा को रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं हवाई अड्डे पर उनका स्वागत कर सकते हैं, जो दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ होते व्यक्तिगत और कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक है।

सूत्रों के अनुसार, इस यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाना है। द्विपक्षीय वार्ता के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यूएई भारत को कच्चे तेल और एलएनजी का प्रमुख आपूर्तिकर्ता रहा है।

अब दोनों देश ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे के कार्यान्वयन में तेजी लाने पर विचार-विमर्श होगा, जो वैश्विक व्यापार कनेक्टिविटी के लिए एक गेम-चेंजर माना जा रहा है। साझा सैन्य अभ्यास, खुफिया जानकारी साझा करने और रक्षा उपकरणों के सह-उत्पादन पर भी समझौते होने की संभावना है।

यूएई के राष्ट्रपति की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब ईरान में आंतरिक उथल-पुथल है और अमेरिका की ओर से वहां सैन्य हस्तक्षेप की धमकियां मिल रही हैं। इसके अलावा, खाड़ी क्षेत्र में सऊदी अरब और यूएई के बीच कुछ मुद्दों पर बढ़ते मतभेदों के बीच भारत की भूमिका एक संतुलनकर्ता (Balancer) के रूप में देखी जा रही है। भारत और यूएई दोनों ही क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के साझा हित रखते हैं।

यूएई भारत के शीर्ष तीन व्यापारिक साझेदारों में से एक है। हाल ही में दोनों देशों के बीच हुए व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते के बाद व्यापार में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। इस यात्रा के दौरान, यूएई के संप्रभु धन कोष द्वारा भारत के बुनियादी ढांचे, खाद्य पार्कों और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अरबों डॉलर के नए निवेश की घोषणा की जा सकती है।

साथ ही, स्थानीय मुद्राओं (रुपया और दिरहम) में व्यापार निपटान की प्रक्रिया को और सरल बनाने पर भी सहमति बन सकती है। इस उच्च स्तरीय यात्रा से न केवल द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे, बल्कि यह ग्लोबल साउथ की आवाज को वैश्विक मंच पर और मुखर करने में भी मदद करेगी।