Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Tamradhwaj Sahu on Naxalites: पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू का सरकार पर बड़ा हमला, बोले- अधूरी नक्स... विश्व युद्ध की आहट? ईरान-इजराइल जंग पर गोठड़ा वाली माताजी की बड़ी भविष्यवाणी, बताया कब और कैसे थमेगा... MP Minister Fireside Action: मध्य प्रदेश के मंत्री दिलीप अहिरवार की दरियादिली: किसान की जलती फसल देख... मजहब से ऊपर इंसानियत! मंदिर की पुजारिन का निधन, हिंदू-मुसलमानों ने मिलकर दिया कंधा और किया अंतिम संस... सावधान! मध्य प्रदेश में 'ईरानी' डिस्टर्बेंस का असर, धूल भरी आंधी के साथ झमाझम बारिश; मौसम विभाग ने ज... Jabalpur Sand Mafia Submarine: जबलपुर में रेत निकालने वाली 'पनडुब्बी'! अवैध उत्खनन का पूरा गणित और म... Tragic Death in Car Fire: कार में आग लगने से मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत, पिता के सामने ही जिंदा जला ... Waste Segregation Rules: 1 अप्रैल से बदल जाएगा नियम: अलग-अलग नहीं दिया गीला-सूखा कचरा तो दर्ज हो सकत... Ratlam Gangrape : रतलाम में दो चचेरी बहनों से फैक्ट्री में सामूहिक दुष्कर्म, पार्टी का झांसा देकर ले... Maihar Sharda Devi Navratri 2026: मैहर में आस्था का सैलाब! चैत्र नवरात्रि पर माता शारदा के दर्शन के ...

BMC Result 2026: मुंबई में बड़े ‘धुरंधर’ ढेर! सिद्धिविनायक ट्रस्ट अध्यक्ष के बेटे हारे, अरुण गवली की दोनों बेटियों को भी जनता ने नकारा

बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की बंपर जीत हुई है. वो पहली बार मुंबई में मेयर बनाने जा रही है. ठाकरे भाइयों का सिक्का मुंबई में नहीं चल पाया. उन्हें करारी शिकस्त झेलनी पड़ी. 227 वार्डों वाले BMC में बीजेपी 100 से ज्यादा वार्ड में जीत दर्ज करती दिख रही है. इस चुनाव में कई स्टार उम्मीदवारों को भी हार का सामना करना पड़ा. इसमें अरुण गवली की बेटी योगिता गवली से लेकर सिद्धिविनायक ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवंकर के बेटे समाधान सरवंकर शामिल हैं.

इन स्टार उम्मीदवारों को मिली हार

वार्ड नंबर 185 में बीजेपी के रवि राजा को हार का सामना करना पड़ा है. वह बीएमसी में विपक्ष के नेता रह चुके हैं. रवि 2024 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे. वार्ड नंबर 194 में शिवसेना को हार का सामना करना पड़ा है.

यहां पर पूर्व विधायक और सिद्धिविनायक ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवंकर के बेटे समाधान सरवंकर को शिकस्त मिली है. शिवसेना को एक और झटका वार्ड नंबर 73 में मिला है. यहां सांसद रविंद्र वायकर की बेटी दिप्ती वायकर को हार मिली है.

बीजेपी को वार्ड नंबर 106 में भी हार मिली है. यहां पर प्रभाकर शिंदे को MNS के उम्मीदवार सत्यवान दाल्वी ने हराया है. वार्ड नंबर 1 में कांग्रेस उम्मीदवार शीतल मात्रे को शिकस्त मिली है. बीजेपी की रेखा यादव ने उन्हें हराया है.

गवली की दोनों बेटियों की हार

बीएमसी चुनाव में अरुण गवली की दोनों बेटियों की करारी हार हुई है. पहली बेटी योगिता जिन्हें भायखला में पराजय झेलनी पड़ी. वहीं, दूसरी बेटी बेटी गीता गवली को हार का सामना करना पड़ा है.

पहली बार चुनाव लड़ीं योगिता

योगिता गवली ने अपने पिता अरुण गवली की बनाई रीजनल पार्टी अखिल भारतीय सेना (ABS) के टिकट पर बायकुला-चिंचपोकली इलाके के वार्ड 207 से चुनाव लड़ा था. ज़ोरदार कैंपेन और सेंट्रल मुंबई में अपने परिवार के लंबे समय से चले आ रहे प्रभाव के बावजूद, वह जीत हासिल नहीं कर पाईं. उन्हें बीजेपी उम्मीदवार रोहिदास लोखंडे ने हराया.

योगिता गावड़ी एक NGO के ज़रिए सोशल वर्क से भी जुड़ी है. उन्होंने 2026 के सिविक चुनावों में पहली बार राजनीति में कदम रखा. उनकी हार को ABS के लिए एक झटका माना जा रहा है, जिसका कभी मुंबई के कुछ हिस्सों, खासकर बायकुला में काफी दबदबा था.

समाधान सरवंकर की वाइफ हैं एक्ट्रेस

समाधान सरवंकर के पिता सदा सरवंकर विधायक रह चुके हैं. वह माहिम से MLA रहे हैं. 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. समाधान सरवंकर की पत्नी तेजस्विनी लोनारी एक्ट्रेस हैं. वह चित्तौड़ की रानी पद्मिनी का जौहर में अपनी भूमिका और बिग बॉस मराठी से चर्चा में आईं. 4 दिसंबर, 2025 को समाधान और तेजस्विनी शादी के बंधन में बंधे थे. शादी से पहले यह जोड़ा कुछ समय से एक-दूसरे को डेट कर रहा था.

नहीं चला ठाकरे भाइयों का जादू

उद्वव ठाकरे और राज ठाकरे करीब दो दशक बाद साथ आए, लेकिन उनका जादू नहीं चल पाया. उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) 62 और राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) 9 सीटों पर आगे है.

अधिकारियों के अनुसार, बीएमसी के चुनाव में 52.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया जो 2017 में हुए 55.53 प्रतिशत मतदान से कम है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का वार्षिक बजट 74,400 करोड़ रुपये से अधिक है. यहां चार साल की देरी के बाद चुनाव कराए गए.

ये 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद पहले बीएमसी चुनाव हैं. मौजूदा उपमुख्यमंत्री शिंदे 2022 में पार्टी के अधिकतर विधायकों के साथ पार्टी से अलग हो गए थे और बीजेपी के साथ गठबंधन कर मुख्यमंत्री बने थे. अविभाजित शिवसेना का देश की सबसे अमीर नगर निकाय संस्था पर 25 वर्षों (1997-2022) तक दबदबा रहा.