Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
"खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं..." पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का छलका दर्द, 'आम आदमी' को दि... LPG सिलेंडर पर अफवाह फैलाने वालों की खैर नहीं! केंद्र सरकार सख्त, राज्यों को दिया 'कंट्रोल' का आदेश UAE का 'उधार' बना पाकिस्तान के लिए आफत! दुबई ने दिया 17 अप्रैल तक का समय—"पूरा पैसा वापस करो" अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' से जुड़ा ‘विवान’ का खास कनेक्शन! सेंसर से क्लियर हुआ टीजर, जल्द मचेगा धमा... Walking Tips: लंबी उम्र चाहिए तो रोज इतने कदम चलना है जरूरी, साइंस ने बताया पैदल चलने का सही आंकड़ा Vastu Tips: क्या आपके ड्राइंग रूम का फर्नीचर रोक रहा है आपकी तरक्की? जानें सजाने का सही तरीका और दिश... प्रयागराज का नामी डॉक्टर बना 'हैवान'! इलाज के दौरान छात्रा से बैड टच और कपड़े उतरवाने का आरोप; डॉ. क... ग्लोबल टेंशन में भारत का मास्टरस्ट्रोक! इंडस्ट्रीज के लिए 2.5 लाख करोड़ का महा-पैकेज, चीन की बढ़ेगी ... IPL 2026: जीत के बाद भी अभिषेक शर्मा को लगा बड़ा झटका! खाते में आएंगे सिर्फ ₹5.62 लाख, जानें क्यों क... Delhi-NCR Weather Update: दिल्ली-NCR में धूल भरी आंधी का तांडव! तेज हवाओं से थमी रफ्तार; जानें UP सम...

जमशेदपुर में टुसू मेले का आयोजन, लोगों को किया गया पुरस्कृत

जमशेदपुर: जिले में आदिवासी समाज के लोगों में टुसू पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा गया. जगह-जगह पर कई तरह के आयोजन किए गए थे, जिसका 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति के साथ समापन हो गया. सोनारी के दोमुहानी में भी झारखंड कला संस्कृति मंच द्वारा टुसू मेला का आयोजन किया गया. जहां पूर्वी सिंहभूम जिले के विभिन्न क्षेत्र से टुसू की मूर्ति के साथ ग्रामीण पहुंचे और ढोल नगाड़ों की धूम पर जमकर थिरके.

मेले में हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ी हुई थी. देर शाम तक आयोजकों द्वारा टुसू मूर्ति की बेहतर सजावट के आधार पर उन्हें पुरस्कृत किया गया. आयोजक का कहना है समाज की इस पुरानी कला संस्कृति को बचाने के लिए हमें संकल्प लेने की जरूरत है. झारखंड कला संस्कृति मंच द्वारा आयोजित इस मेले में जमशेदपुर लोकसभा सांसद विद्युत वरण महतो, जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा के विधायक सरयू राय, अल्पसंख्यक आयोग के हिदायतुल्ला खान, मोहन कर्मकार, पूर्व सांसद सुमन महतो के अलावा कई नेता शामिल हुए.

इस दौरान राजनीतिक दलों ने लोगों को मंच से टुसू पर बधाई देते हुए कहा कि टुसू झारखंड की पुरानी धरोहर है. आज इस धरोहर को बचाए रखने की जरूरत है. भले ही आज हम डिजिटल युग में जा रहे हैं, लेकिन अपनी पुरानी कला संस्कृति को बचाए रखने के लिए हमें संकल्प लेने की जरुरत है. यह पर्व आपसी भाईचारे और एकता का प्रतीक है.

वहीं, आयोजक मोहन कर्मकार ने कहा कि इस तरह के आयोजन में विभिन्न राजनीतिक दल के लोग एक मंच पर आते हैं और लोगों का उत्साह बढ़ाते हैं. हम इस तरह के आयोजन के जरिए अपनी पुरानी धरोहर कला संस्कृति को बचाये रखने का संकल्प लेते हैं.