ईरान पर हमले की तैयारियों में जुटी है अमेरिकी सेना
दोहा: कतर स्थित अल उदेद एयर बेस पर अमेरिकी सैन्य गतिविधियों में अचानक आई तेजी ने मध्य पूर्व में युद्ध की आशंकाओं को गहरा कर दिया है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही ईरान पर सैन्य हमले का आदेश दे सकते हैं। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि इस बेस से B-52 रणनीतिक बमवर्षक और परिवहन विमानों की आवाजाही बढ़ गई है। दोहा से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित यह बेस 10,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों का घर है और इस क्षेत्र के सबसे बड़े ठिकानों में से एक है।
ईरान में जारी आंतरिक अशांति और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका की यह सक्रियता बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। एक मानवाधिकार संगठन के अनुसार, 28 दिसंबर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 650 प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं (हालांकि कुछ अन्य रिपोर्टें यह संख्या 2,000 बता रही हैं)। ट्रंप प्रशासन ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों का दमन बंद नहीं हुआ, तो वाशिंगटन कड़ा जवाब देगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा कि हालांकि कूटनीति प्राथमिकता है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप घातक सैन्य शक्ति का उपयोग करने से नहीं हिचकिचाएंगे।
ईरान ने इस बीच पूरे देश में इंटरनेट बंद कर दिया है, जिससे प्रदर्शनों की वास्तविक स्थिति का पता लगाना मुश्किल हो गया है। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन ईरान पर दबाव बनाने के लिए टैरिफ (शुल्क) को हथियार के रूप में भी इस्तेमाल कर रहा है। मध्य पूर्व में अमेरिका की पहले से ही 19 से अधिक स्थानों पर सैन्य मौजूदगी है।
अगर तनाव और बढ़ता है, तो यह क्षेत्र एक बड़े युद्ध की चपेट में आ सकता है। बाबा वेंगा जैसी भविष्यवाणियों के हवाले से भी सोशल मीडिया पर चर्चा है कि क्या 2026 में कोई बड़ा वैश्विक संघर्ष शुरू होने वाला है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें अल उदेद एयर बेस और ट्रंप के अगले कदम पर टिकी हैं।