मणिपुर में पेट्रोप पंपों की हड़ताल से जनजीवन बाधित
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बिश्रुपुल जिले में फटा था बम
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राज्य भर के पेट्रोप पंप बंद है
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गिरफ्तार अपराधी ने सुराग दिये हैं
उत्तर पूर्व संवाददाता
गुवाहाटीः मणिपुर के बिश्रुपुल जिले में एक पेट्रोल पंप पर हुए बम विस्फोट की घटना में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। 13 जनवरी को पुलिस ने पुष्टि की कि प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन कांगलेई यावोल कन्ना लुप के एक सक्रिय कैडर को गिरफ्तार किया गया है। 35 वर्षीय इस आरोपी को सुरक्षा बलों के निरंतर अभियान के बाद पड़ोसी काकचिंग जिले के कोमनाओ माखा लेकाई इलाके से पकड़ा गया। यह गिरफ्तारी 8 जनवरी की शाम को मोइरांग थाना लेकाई स्थित एलीडास फ्यूल स्टेशन पर हुए हमले के सिलसिले में की गई है।
बता दें कि 8 जनवरी की रात करीब 8 बजे बाइक सवार हमलावरों ने पेट्रोल पंप पर बम फेंका था, जिससे एक भीषण विस्फोट हुआ। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन इससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। इस हमले के विरोध में और सुरक्षा की मांग को लेकर इंफाल घाटी के सभी पेट्रोल पंपों ने अनिश्चितकालीन बंद की घोषणा कर दी, जिससे पूरे राज्य में ईंधन की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। मणिपुर पेट्रोलियम डीलर्स फ्रेटरनिटी ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को एक ज्ञापन सौंपकर पंप संचालकों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
क्षेत्र में तनाव और भी बढ़ गया है क्योंकि हाल ही में सायटन-नगानुकोन क्षेत्र में तीन और आईईडी विस्फोट हुए थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इन धमाकों की जांच अपने हाथ में ले ली है। सुरक्षा बल घाटी के इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल करने और आवश्यक सेवाओं को सुरक्षित रूप से संचालित करने के लिए सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं। गिरफ्तार उग्रवादी से पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और आगामी योजनाओं का खुलासा होने की उम्मीद है। फिलहाल, सुरक्षा की चिंताओं के कारण घाटी में ईंधन का संकट बना हुआ है और प्रशासन डीलरों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहा है।