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सुप्रीम कोर्ट का ‘हथौड़ा’: कोल इंडिया को फटकार— 10 साल तक क्यों भटकाया? दिव्यांग उम्मीदवार को तुरंत ज्वाइन कराने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने कोल इंडिया लिमिटेड को मल्टी डिसेबिलिटी (Multi-disability) से जूझ रहे एक उम्मीदवार को तुरंत नौकरी पर रखने का आदेश दिया है. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने कंपनी के अध्यक्ष को आदेश दिया कि इस उम्मीदवार के लिए एक अतिरिक्त पद बनाया जाए और उसे फौरन नियुक्त किया जाए. इस उम्मीदवार ने 2016 में कोल इंडिया की भर्ती परीक्षा और इंटरव्यू दोनों पास कर लिया था.

दरअसल, विज्ञापन में मल्टी डिसेबिलिटी का उल्लेख नहीं था इसलिए उसने दृष्टिबाधित उम्मीदवार के रूप में आवेदन किया था. हालांकि, इस दौरान जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस विश्वनाथन की बेंच ने साफ किया कि यह आदेश विशेष मामलों में पारित किया गया है. इसे भविष्य के लिए एक मिसाल नहीं माना जाएगा यानी अन्य लोग इस फैसले का हवाला देकर समान अधिकार का दावा नहीं कर पाएंगे.

संविधान के अनुच्छेद 41 के तहत आदेश पारित

जस्टिस पारदीवाला ने आगे कहा कि हम यह साफ कर देना चाहते हैं कि हमने इस मामले के विशिष्ट तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संविधान के अनुच्छेद 41 को अनुच्छेद 14 और 21 के साथ मिलाकर, यह आदेश पारित किया है. हम यह भी स्पष्ट करते हैं कि हमने यह आदेश भारत के संविधान के अनुच्छेद 142 के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए पारित किया है.

SC ने पुराने फैसलों का दिया उदाहरण

अदालत ने दिव्यांग लोगों के अधिकारों पर बात करते हुए कहा कि उनके लिए उनकी जरूरतों के हिसाब से व्यवस्था करना जरूरी है. इसके लिए कोर्ट ने अपने पुराने फैसलों का उदाहरण दिया. कोर्ट ने ओमकार गोंडा बनाम भारत संघ, ओम राठौड़ बनाम स्वास्थ्य विज्ञान महानिदेशक और राजीव रतूड़ी बनाम भारत संघ के मामलों का हवाला दिया. इसके साथ ही अदालत ने मिनर्वा मिल्स केस का जिक्र करते नागरिकों के मौलिक अधिकार और सरकार की जिम्मेदारियों से भी रू-ब-रू कराया.

SC ने सुजाता बोरा को दीं भविष्य के लिए शुभकामनाएं

कोर्ट ने कोल इंडिया लिमिटेड के अधिवक्ता विवेक नारायण शर्मा को उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया और इस मुकदमे को सुखद अंत तक पहुंचाने में उनका योगदान सराहनीय बताया. इसने अपीलकर्ता की जांच करने वाले डॉक्टरों को भी धन्यवाद दिया. आदेश सुनाने के बाद जस्टिस परदीवाला ने सुजाता बोरा को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और उनसे कहा कि वे आगे बढ़ें और देश का नाम रोशन करें.