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ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान मौतों का आंकड़ा बढ़ा

इंटरनेट पर बंदी के दौरान भी स्थिति के बिगड़ने की आशंका

तेहरानः ईरान में इस्लामी गणराज्य के खिलाफ पिछले तीन वर्षों के सबसे बड़े आंदोलन में अब तक कम से कम पांच सौ प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं। एक मानवाधिकार समूह ने रविवार को चेतावनी दी कि अधिकारी प्रदर्शनों को कुचलने के लिए नरसंहार कर रहे हैं। ये विरोध प्रदर्शन शुरू में बढ़ती महंगाई के कारण शुरू हुए थे, लेकिन अब वे 1979 की क्रांति के बाद से ईरान में लागू धार्मिक व्यवस्था के खिलाफ एक व्यापक आंदोलन में बदल गए हैं।

86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनी के शासन के लिए यह सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। पिछले 60 घंटों से अधिक समय से जारी इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद प्रदर्शनों की लहर और तेज हो गई है। नॉर्वे स्थित एनजीओ ईरान ह्यूमन राइट्स ने कहा कि मौतों की संख्या हमारी कल्पना से कहीं अधिक हो सकती है। तेहरान और मशहद जैसे शहरों से आने वाले वीडियो में सड़कों पर भारी भीड़ और जलते हुए वाहन देखे जा सकते हैं।

अमेरिका स्थित सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स इन ईरान ने बताया कि अस्पतालों में घायलों की भीड़ है, रक्त की आपूर्ति कम हो रही है, और कई प्रदर्शनकारियों को जानबूझकर आंखों में गोली मारी गई है। समूह ने दुनिया से इस नरसंहार को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की अपील की है।

दूसरी ओर, ईरान की सरकारी मीडिया ने इन प्रदर्शनों को दंगा और विनाशकारी कृत्य करार दिया है। राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख अहमद-रेजा रदान ने बताया कि शनिवार रात कई प्रमुख प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। सरकारी टीवी पर मारे गए सुरक्षा बलों के अंतिम संस्कार के दृश्य भी दिखाए जा रहे हैं ताकि जनता का समर्थन हासिल किया जा सके। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सूचनाओं पर पाबंदी के कारण वास्तविक स्थिति और भी भयावह हो सकती है।