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सबरीमाला मंदिर से और सोना चुराया गया

एसआईटी की नई रिपोर्ट से सोना चोरी का मामला गरमाया

राष्ट्रीय खबर

तिरुअनंतपुरमः प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी का मामला गहराता जा रहा है। विशेष जांच दल  ने कोल्लम सतर्कता अदालत को सौंपी अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि केवल मूर्तियों से ही नहीं, बल्कि गर्भगृह के दरवाजों के फ्रेम पर बने शिव और व्याली रूपम की आकृतियों से भी सोना गायब है। जांच दल ने कोर्ट को बताया कि अब तक केवल 584 ग्राम सोना ही बरामद किया जा सका है, जो चोरी हुई कुल मात्रा से काफी कम है।

एसआईटी के अनुसार, बरामद सोना चेन्नई की एक फर्म स्मार्ट क्रिएशन्स और बेल्लारी की रोड्डम ज्वेलरी से मिला है। रोड्डम ज्वेलरी का मालिक गोवर्धन वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। पुलिस को संदेह है कि चोरी किया गया सोना किसी अंतरराष्ट्रीय प्राचीन वस्तु तस्करी रैकेट को भी सौंपा गया हो सकता है। जब्त किए गए सोने के नमूनों को परीक्षण के लिए विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र भेजा गया है ताकि यह पुष्टि हो सके कि यह वही सोना है जो मंदिर के दरवाजों और मूर्तियों पर लगा था।

इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस मामले में अपनी जांच शुरू करने की तैयारी कर ली है। ईडी ने सतर्कता अदालत में याचिका दायर कर एसआईटी द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी और बयानों की प्रतियां मांगी हैं। एजेंसी का मानना है कि मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और अन्य लोगों ने इस अपराध के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) की है। ईडी ने अदालत को आश्वासन दिया कि इन दस्तावेजों का उपयोग केवल जांच के लिए किया जाएगा और इन्हें गोपनीय रखा जाएगा।

हालांकि, सरकारी अभियोजक ने ईडी को दस्तावेज सौंपने का विरोध किया है। उनका तर्क है कि वर्तमान में एक अत्यंत गोपनीय जांच चल रही है और इस स्तर पर दस्तावेज साझा करना मामले को प्रभावित कर सकता है। अदालत ने इस मुद्दे पर अगली सुनवाई 10 दिसंबर के लिए तय की है। यह मामला न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि करोड़ों भक्तों की आस्था से भी जुड़ा हुआ है।