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हरविन्द्र कल्याण ने विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संसदीय आयोजनों में भाग लेकर हरियाणा विधानसभा का किया प्रतिनिधित्व

चंडीगढ़ : हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने 25 अक्तूबर 2024 को अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत विधान सभा की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं सशक्त बनाने की दिशा में अनेक महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उनके नेतृत्व में बीते एक वर्ष के दौरान संसदीय प्रशिक्षण, युवाओं की सहभागिता, अंतरराष्ट्रीय संसदीय मंचों पर प्रतिनिधित्व तथा सचिवालय स्तर पर संस्थागत सुदृढ़ीकरण की कई उल्लेखनीय गतिविधियां सम्पन्न हुईं।

विधायकों की क्षमता वृद्धि के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा दूसरा लोक सभा के सहयोग से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चण्डीगढ़ में आयोजित किया गया। इसी क्रम में हरियाणा विधान सभा के कर्मचारियों के लिए हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) के सहयोग से चण्डीगढ़ में दोबारा लोक सभा के सहयोग से जिसमें लेजिस्लेटिव ड्राफ्टिंग में हरियाणा सरकार के कर्मचारी भी शामिल हुए; तथा पुनः हिपा के सहयोग से चण्डीगढ़ एवं गुरुग्राम में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए।

मीडिया की संसदीय समझ को सुदृढ़ करने हेतु मीडिया प्रतिनिधियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चण्डीगढ़ में आयोजित हुआ। युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में युवा एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से विधान सभा में राज्य स्तरीय ‘विकसित भारत युवा संसद’ का आयोजन; इसके अतिरिक्त ‘हरियाणा युवा संवाद’ कार्यक्रम विधान सभा परिसर में हुआ। स्थानीय निकायों को सशक्त करने के उद्देश्य से हरियाणा विधान सभा द्वारा लोक सभा के सहयोग से देश का पहला राष्ट्रीय स्तर का सभी राज्यों के शहरी स्थानीय निकायों के प्रमुखों का सम्मेलन मानेसर (गुरुग्राम) में आयोजित किया गया।

इस अवधि में अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संसदीय आयोजनों में भाग लेकर हरियाणा विधान सभा का प्रतिनिधित्व किया। पटना (बिहार) में 85वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन; धर्मशाला में सी.पी.ए. जोन-2 का वार्षिक सम्मेलन; दिल्ली में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन; बंगलूरू में भारतीय क्षेत्र का 11वां सी.पी.ए. सम्मेलन तथा ब्रिजटाउन (बारबाडोस) में आयोजित 68वां कामनवेल्थ पार्लियामेंट सम्मेलन शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त संसदीय प्रणाली के अध्ययन के उद्देश्य से उन्होंने इस वर्ष देश के 11 राज्यों की विधानमंडलों का अध्ययन दौरा भी किया। विधान सभा सचिवालय स्तर पर भी कई महत्त्वपूर्ण कार्य किए गए, जिसमें लाईब्रेरी का नवीनीकरण कर अनुसंधान एवं ज्ञान केन्द्र की स्थापना एवं उद्घाटन हुआ। मुख्यमंत्री राहत कोष में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, विधायकों तथा विधान सभा अधिकारियों द्वारा सामूहिक योगदान दिया गया। हरियाणा योग आयोग एवं आयुष विभाग के सहयोग से विधान सभा परिसर में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। साइक्लोथन का आयोजन किया गया तथा विधान सभा की पत्रिका ‘सदन संदेश’ का विमोचन हुआ।

लोकतांत्रिक संवाद को और सुदृढ़ करने की दिशा में अध्यक्ष, विधान सभा के नेतृत्व में सर्वदलीय विधायकों का लोक सभा भ्रमण आयोजित किया गया, जिसमें माननीय उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, माननीय लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला तथा माननीय केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल से भेंट एवं संवाद भी हुआ। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि इस वर्ष हरियाणा विधान सभा के तीन सत्र आयोजित हुए, जिनमें औसतन बैठकों की अवधि तथा पक्ष-विपक्ष को समान अवसर देकर सार्थक चर्चा का स्तर अब तक का सर्वाधिक रहा। भविष्य में भी प्रशिक्षण, संवाद और संसदीय सुधारों से जुड़ी विभिन्न योजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनके माध्यम से विधान सभा व सचिवालय को और अधिक प्रभावी लोकतांत्रिक मंच के रूप में विकसित किया जाएगा।