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खैरागढ़ में कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की हड़ताल, सरकारी दफ्तरों में कामकाज प्रभावित

खैरागढ़: 29 दिसंबर से छत्तीसगढ़ में अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन की हड़ताल का असर दिखने लगा है. काम बंद, कलम बंद आंदोलन के चलते खैरागढ़ में शासकीय कार्यालयों का कामकाज पूरी तरह से ठप नजर आया. ब्लॉक कार्यालयों से लेकर जिला मुख्यालय तक सन्नाटा पसरा रहा और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

खैरागढ़ में हड़ताल ने पकड़ा जोर

खैरागढ़ में फेडरेशन के जिला संयोजक प्रखर शरण सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों अधिकारी कर्मचारी अंबेडकर चौक पर जमा हुए और जोरदार प्रदर्शन किया।. प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अब नई सहिबो अपन हक लेके रहिबो और बीजेपी सरकार के खिलाफ नारे लगाए. कर्मचारियों ने सरकार से मोदी की गारंटी पूरी करने की मांग की.

बीजेपी सरकार को सत्ता में आए दो वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन चुनाव के दौरान कर्मचारियों से किए गए वादे अब तक धरातल पर नहीं उतर पाए हैं. महंगाई भत्ता लंबित है, वेतन विसंगतियों का भी समाधान नहीं हुआ है. नियमितीकरण और पुरानी पेंशन योजना जैसे अहम मुद्दों पर सरकार चुप है- प्रखर शरण सिंह, जिला संयोजक, छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन

कर्मचारियों की हड़ताल का व्यापक असर

खैरागढ़ में कर्मचारियों की हड़ताल का व्यापक असर पड़ता दिख रहा है. स्कूल में पढ़ाई लिखाई प्रभावित हो रही है. कई विभागों में जरूरी प्रमाण पत्र पेंशन राजस्व और विकास से जुड़े कार्य पूरी तरह प्रभावित रहे. छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो यह आंदोलन और व्यापक होगा. 31 दिसंबर तक यह आंदोलन जारी रहेगा.