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रीवा स्टेशन परिसर में बेसहारा महिला, खुले आसमां के नीचे भीषण ठंड में तड़के 4 बजे डिलेवरी

रीवा : रीवा रेलवे स्टेशन के पार्किंग स्थल पर एक ऐसा सीन, जिसे देख लोग कांप उठे और हर आंख नम हो गई. यहां भिक्षावृत्ति कर जीवन गुजार रही महिला ने भीषण ठंड में तड़के 4 बजे खुले आसमान के नीचे बच्ची को जन्म दिया. प्रसव पीड़ा के दौरान मौके पर न तो वहां कोई डॉक्टर था, न एम्बुलेंस, न कोई स्वास्थ्य सुविधा. आसपास कोई सहारा नहीं. अगर कुछ था तो बस बेइंतहा दर्द, कड़कड़ाती ठंड और मजबूरी.

खुद ही नाड़ा काटा, आग जला नवजात को सीने से लगाया

इतने विपरीत हालात के बाद भी एक मां की ममता चट्टान बनकर खड़ी रही. प्रसूता ने बच्ची को जन्म देने के बाद खुद ही नवजात की नाल काटी और ठंड से बचाने के लिए आग जलाकर बच्ची को सहारा दिया. उसे अपने सीने से लगाए रखा. पीड़ा से कराहती मां की आंखों में सिर्फ एक ही जिद थी कि उसकी नवजात बच्ची जिंदा रहे. घटना रेलवे स्टेशन की पार्किंग में रविवार तड़के की है. इस घटना ने हर संवेदनशील व्यक्ति को भीतर तक झकझोर कर दिया.

भिक्षावृत्ति कर जीवनयापन करती है महिला

ये महिला स्टेशन परिसर के आसपास भिक्षावृत्ति कर जीवनयापन करती है. महिला शनिवार रात ऑटो पार्किंग में ही ठिठुरती रात बैठी रही. उसके साथ उसका एक छोटा बच्चा भी मौजूद था. तड़के करीब 4 बजे अचानक महिला को तेज प्रसव पीड़ा उठी. चारों ओर घना कोहरा छाया हुआ था, न कोई मदद, न कोई चिकित्सकीय सुविधा. ऐसे हालात में उसी पार्किंग स्थल पर महिला ने नवजात बच्ची को जन्म दिया.

उस कठिन घड़ी में मां और बच्ची के बीच ममता ही एकमात्र सहारा बनी रही. कुछ देर बाद जैसे ही वंदे भारत ट्रेन के यात्रियों को लेकर ऑटो चालक रेलवे स्टेशन पहुंचने लगे, तब इस हृदयविदारक घटना की जानकारी लोगों तक पहुंची.

ऑटो चालकों दिया इंसानियत का परिचय

घटना के दौरान ऑटो चालकों की नजर बेसहारा महिला पर पड़ी. महिला की हालत देखकर उसने बिना देर किए तत्काल उसकी मदद की. ऑटो चालकों ने न सिर्फ बेबस मां को संभाला, बल्कि तुरंत एम्बुलेंस को सूचना दी. इसके बाद महिला और उसकी नवजात बच्ची को अस्पताल भेजा गया. लोगों के अनुसार पीड़ित महिला दिनभर रेलवे स्टेशन परिसर और उसके आसपास यात्रियों से भिक्षावृत्ति कर अपना गुजर-बसर करती है.

उसके साथ उसका एक छोटा बच्चा भी रहता था. सामान्य तौर पर शाम होने पर वह चोरहटा थाना क्षेत्र स्थित अपने घर लौट जाया करती थी, लेकिन शनिवार की रात वह रेलवे स्टेशन परिसर में ही रुक गई. इसी दौरान देर रात उसे अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई.

अस्पताल में प्रसूता व नवजात का उपचार

रीवा रेलवे स्टेशन के जीआरपी थाना प्रभारी आरएस ठक्कर ने बताया “सफाई कर्मचारियों ने पार्किंग में महिला की डिलेवरी होने की सूचना दी. थाने में मौजूद स्टाफ मौके पर गया. ऑटो चालकों ने एम्बुलेंस बुलवाकर महिला और उसकी बच्ची को अस्पताल भिजवा दिया. महिला रेलवे स्टेशन में ही भिक्षावृत्ति करती थी.” जिला अस्पताल के गायनी विभाग की एचओडी डॉ.मंजुल द्विवेदी ने बताया “रविवार सुबह प्रसूता और उसके नवजात को अस्पताल मे भर्ती कराया गया. डॉक्टरों की देखरेख में दोनों का इलाज किया गया. पीड़िता का कोई भी परिजन अब तक अस्पताल नहीं आया. मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं.”