बीजापुर: माओवाद के खात्मे के लिए एक ओर जहां एंटी नक्सल ऑपरेशन चलाया जा रहा है, वहीं बस्तर में लगातार नवीन सुरक्षा कैंपों की स्थापना की जा रही है. इसी कड़ी में फरेसगढ़ थाना इलाके के डोडीमरका में नवीन सुरक्षा कैंप की स्थापना जवानों ने की. कैंप की स्थापना 26 दिसंबर को हुई. डोडीमरका में नवीन सुरक्षा कैंप सह जन सुविधा कैंप के बनने से अब विकास के कामों में तेजी आएगी.
डोडीमरका में बना नवीन सुरक्षा कैंप
फरेसगढ़ के डोडीमरका में कैम्प की स्थापना डीआरजी, जिला बल और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल 7वीं वाहिनी ‘बी’ समवाय की संयुक्त टीमों के द्वारा की गई. दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, घने जंगलों और कड़ाके की ठंड के बीच सुरक्षा बलों ने कैंप को स्थापित किया. जिला प्रशासन का कहना है कि डोडीमरका में कैंप के बनने से इलाके में विकास के कार्यों को तेज किया जाएगा. शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क का काम शुरू किया जाएगा. इसके साथ ही इलाके में माओवादियों के मूवमेंट पर भी रोक लगेगी. कैंप के बनने से इलाके के लोगों में भी खुशी का माहौल है.
नक्सलियों के मूवमेंट पर लगेगी रोक
नवीन सुरक्षा कैम्प की स्थापना से भोपालपटनम, फरसेगढ़, सेण्ड्रा और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्गों को और बेहतर करने की दिशा में सफलता मिलेगी. जिला प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में नेशनल पार्क क्षेत्र के सुदूर गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने का रास्ता साफ होगा. इससे आवागमन आसान होगा, प्रशासनिक गतिविधियों में तेजी आएगी और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच भी सुनिश्चित हो सकेगी.
बुनियादी सुविधाओं में होगा इजाफा
जिला प्रशासन ने कहा कि लगातार स्थापित किए जा रहे कैंपों की मदद से, इलाके में बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है. ग्रामीण इलाकों में बिजली, पेयजल, शिक्षा, हेल्थ सिस्टम और पीडीएस सिस्टम को पहुंचाया जा रहा है. गांव गांव को पुल पुलिया की मदद से जोड़ा जा रहा है. जिला प्रशासन का कहना है कि जो इलाके सालों से विकास की राह देख रहे हैं उन इलाकों में अब तेजी से विकास का काम होगा, शासन की योजनाओं को गांव गांव तक पहुंचाया जाएगा.
बीजापुर में अबतक 29 सुरक्षा कैंप स्थापित
बीजापुर में साल 2024 से अब तक कुल 29 नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किए जा चुके हैं. इन निरंतर प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में 923 माओवादी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं. वहीं, विभिन्न मुठभेड़ों में 221 माओवादी मारे गए हैं और 1100 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है.
नियद नेल्लानार योजना का मिल रहा फायदा
जिला प्रशासन ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी “नियद नेल्ला नार” योजना के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है. इस योजना के तहत सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल टावर, आंगनबाड़ी और अन्य जन-सुविधाओं का समग्र विस्तार सुनिश्चित किया जा रहा है. ग्राम डोडीमरका में सुरक्षा कैम्प की स्थापना इसी नीति का प्रत्यक्ष उदाहरण है. सुरक्षा कैम्प की स्थापना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में उत्साह और विश्वास का माहौल देखा जा रहा है. वर्षों से नक्सली भय के साए में जीवन जी रहे ग्रामीण अब स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
गांव गांव तक नेटवर्क होगा मजबूत
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि सुरक्षा बलों की स्थायी मौजूदगी से ग्रामीण निर्भय होकर शासन की योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे और विकास की मुख्यधारा से जुड़ पाएंगे. डोडीमरका में स्थापित यह नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प बीजापुर जिले में शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है. आने वाले समय में इस क्षेत्र में सड़क निर्माण, पुल-पुलिया, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य केंद्र, विद्यालय और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी. प्रशासन को उम्मीद है कि इन प्रयासों से न केवल नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण होगा, बल्कि क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक विकास भी सुनिश्चित होगा.