श्योपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस नीति अब केवल सरकारी फाइलों की भाषा नहीं रही, बल्कि जमीन पर दिखने वाली ठोस कार्रवाई बन चुकी है। श्योपुर जिला इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है। जहां कलेक्टर अर्पित वर्मा के नेतृत्व में प्रशासन की टीमों ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ ऐसा अभियान चलाया है, जिसने वर्षों से जड़ें जमाए कॉलोनी माफिया की कमर तोड़ दी है।
शनिवार को श्योपुर, जैदा और जाटखेड़ा क्षेत्र में पांच अवैध कॉलोनियों पर एक साथ बुलडोजर कार्रवाई कर प्रशासन ने यह साफ कर दिया कि अब अवैध प्लॉटिंग, बिना अनुमति कॉलोनी विकास और शासकीय भूमि के व्यवसायिक उपयोग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।