Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
DGCA Bribery Case: डीजीसीए के डिप्टी डीजी समेत दो लोग गिरफ्तार, रिश्वतखोरी मामले में सीबीआई का बड़ा ... मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रीमंडल द्वारा दरियाओं, चोओं और सेम नालों से गाद निकालने... ईरान-इजरायल तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य बंद! जहाजों पर फायरिंग से दुनिया भर में हड़कंप, क्या भारत... "मुझे झालमुड़ी खिलाओ..." बंगाल की सड़कों पर पीएम मोदी का देसी अंदाज, काफिला रुकवाकर चखा मशहूर स्नैक ... Srinagar Airport: श्रीनगर एयरपोर्ट पर 2 अमेरिकी नागरिक हिरासत में, चेकिंग के दौरान बैग से मिला Garmi... India's First Semiconductor Unit: ओडिशा में देश की पहली 3D सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट का शिलान्यास; ... TMC vs I-PAC: चुनाव के बीच ममता बनर्जी और I-PAC में ठनी? जानें क्यों TMC के लिए गले की फांस बनी प्रश... ग्लेशियरों का बहाव बाढ़ और हिमस्खलन लायेगा Wedding Tragedy: शादी की खुशियां मातम में बदली, गैस सिलेंडर लीक होने से लगी भीषण आग; 1 की मौत, 4 गंभ... Muzaffarnagar: दिल्ली के 'बंटी-बबली' मुजफ्फरनगर में गिरफ्तार, फर्जी CBI अधिकारी बनकर करते थे लाखों क...

सरकारी विमान से पहुंचे बागेश्वर धाम प्रमुख को लेकर विवाद

पुलिस कर्मी ने छुए पैर और आरोप लगे

राष्ट्रीय खबर

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति में उस वक्त एक नया विवाद खड़ा हो गया, जब बागेश्वर धाम के प्रमुख और प्रसिद्ध आध्यात्मिक उपदेशक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सरकारी विमान से रायपुर पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो ने न केवल सरकारी संसाधनों के उपयोग पर सवाल खड़े किए, बल्कि एक ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारी द्वारा उनके पैर छूने की घटना ने इस विवाद की आग में घी डालने का काम किया है। अब इस मुद्दे पर कांग्रेस और सत्ताधारी भाजपा के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि धीरेंद्र शास्त्री राज्य के मंत्री गुरु खुशवंत साहब के साथ सरकारी विमान से रायपुर हवाई अड्डे पर उतरे। जैसे ही वे विमान से बाहर आए, वहां तैनात एक वर्दीधारी पुलिस अधिकारी ने पहले प्रोटोकॉल के तहत मंत्री को सलामी दी। इसके तुरंत बाद, उस अधिकारी ने अपनी पुलिस की टोपी उतारी, जूते निकाले और पूरी श्रद्धा के साथ झुककर धीरेंद्र शास्त्री के पैर छुए। इस दृश्य ने सोशल मीडिया पर वर्दी की गरिमा बनाम व्यक्तिगत आस्था की एक नई बहस छेड़ दी है।

मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस घटना को लेकर भाजपा सरकार की कड़ी घेराबंदी की है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने इसे सार्वजनिक धन की खुली बर्बादी और सरकारी तंत्र का घोर दुरुपयोग करार दिया। उन्होंने तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि आखिर किस संवैधानिक प्रावधान के तहत एक धार्मिक उपदेशक के लिए सरकारी विमान की व्यवस्था की गई? शुक्ला ने धीरेंद्र शास्त्री पर अंधविश्वास और पाखंड को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि सनातन धर्म समावेशी है, जबकि शास्त्री के कृत्य सामाजिक सद्भाव के विपरीत हैं। उन्होंने इसे राजकोष पर अनावश्यक बोझ बताया।

दूसरी ओर, भाजपा ने इस हमले का कड़ा जवाब देते हुए अधिकारी और शास्त्री दोनों का बचाव किया है। भाजपा प्रवक्ता और सांसद संतोष पांडेय ने तर्क दिया कि किसी गुरु के प्रति श्रद्धा प्रकट करना पूरी तरह से एक व्यक्ति की निजी आस्था का मामला है। उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए पूछा कि जब मुस्लिम कर्मचारी कार्यस्थल पर नमाज पढ़ते हैं, तब कांग्रेस को आपत्ति क्यों नहीं होती? पांडेय ने पिछली कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए याद दिलाया कि उनके कार्यकाल में तांत्रिकों के लिए हेलीकॉप्टर कैसे उड़ाए जाते थे।

फिलहाल, रायपुर के माना बस्ती थाने में पदस्थ उस थाना प्रभारी के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं की है। हालांकि, यह मामला अब केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आस्था, आधिकारिक प्रोटोकॉल और सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग जैसे गंभीर संवैधानिक प्रश्नों के इर्द-गिर्द सिमट गया है।