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झीरम घाटी कांड: जेपी नड्डा के आरोपों पर छविंद्र कर्मा का भी पलटवार, कहा- फिर से हो जांच नड्डा को भी किया जाए शामिल

दंतेवाड़ा: झीरम घाटी नक्सली हमले पर दिए JP नड्डा के बयान पर कांग्रेस नेता पलटवार कर रहे हैं. कांग्रेस के दिवंगत नेता महेंद्र कर्मा के बेटे छविंद्र कर्मा ने भी उनके बयान को शहीदों का अपमान बताया है. झीरम कांड में ही महेंद्र कर्मा की हत्या नक्सलियों ने की थी. ऐसे में छविंद्र कर्मा ने कहा कि 25 मई 2013 का वो दि देश के इतिहास का काला अध्याय है.

जानिए जेपी नड्डा ने क्या कहा था: हाल ही में जांजगीर-चांपा में आयोजित जनादेश कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा शामिल हुए थे. यहां उन्होंने भाषण के दौरान कहा कि झीरम घाटी नक्सली हमले में अंदर के लोग शामिल थे, जिसके कारण कांग्रेस के नेताओं की हत्या हुई. अंदरूनी साजिश के आरोपों पर ही अब प्रदेश कांग्रेस के संयुक्त महासचिव छविंद्र कर्मा ने पलटवार किया है.

जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा: छविंद्र कर्मा ने कहा कि उस हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित कुल 32 निर्दोष लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी. यह घटना न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के इतिहास में एक काला अध्याय है. ऐसे संवेदनशील और दर्दनाक विषय पर देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के नेता का गैर-जिम्मेदाराना बयान देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. यह शहीदों के परिजनों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है.

जांच एजेंसी फेल: छविंद्र ने कहा कि झीरम घाटी कांड के समय प्रदेश में भाजपा की सरकार थी और बाद में इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने की, जब केंद्र में भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार थी. ऐसे में अगर आज भाजपा नेतृत्व कांग्रेस पर साजिश का आरोप लगा रहा है तो क्या इसका अर्थ यह है कि भाजपा सरकारों के कार्यकाल में जांच एजेंसियां अपना कर्तव्य निभाने में विफल रहीं? यदि कोई साजिश थी, तो वह जांच में सामने क्यों नहीं आई.

NIA की जांच रिपोर्ट और जेपी नड्डा के हालिया बयान आपस में मेल नहीं खाते. आखिर ऐसी कौन-सी जानकारी नड्डा के पास है, जो देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी NIA के पास नहीं थी. यह बयान केवल राजनीतिक लाभ के लिए दिया गया है.- छविंद्र कर्मा, कांग्रेस नेता

राजनाथ सिह भी दिल्ली से बस्तर आए थे: छविंद्र ने यह भी याद दिलाया कि झीरम घाटी की दुखद घटना के बाद शहीद महेंद्र कर्मा के अंतिम संस्कार में तत्कालीन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आर.पी.एन. सिंह, जो वर्तमान में भाजपा सांसद हैं, स्वयं उपस्थित थे. इसके अलावा वर्तमान रक्षा मंत्र राजनाथ सिंह भी दिल्ली से बस्तर पहुंचे थे और परिवारों को सांत्वना दी थी. ऐसे में आज भाजपा नेतृत्व द्वारा इस तरह के आरोप लगाना न केवल विरोधाभासी है, बल्कि राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित भी लगता है.

फिर से जांच की मांग: छविंद्र कर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री से मांग की कि झीरम घाटी के इस नृशंस सामूहिक नरसंहार की निष्पक्ष और फिर से जांच कराई जाए. इस जांच में जेपी नड्डा को भी शामिल किया जाए, ताकि देश के सामने सच्चाई आ सके और यह स्पष्ट हो सके कि स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े राजनीतिक हत्याकांड के असली सूत्रधार, साजिशकर्ता और गुनहगार कौन हैं.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सलीम राजा उस्मानी, जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता, पूर्व जिला अध्यक्ष अवधेश गौतम, पूर्व जिला अध्यक्ष विमल सुराना, जिला महामंत्री मनीष भट्टाचार्य, विमल सलाम, भीम सेन मांडवी, ब्लॉक अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, नंदा कुंजम, शंकर कुंजम सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे.