प्रकृति के अजीब तांडव से दहल गया पूरा द्वीप
ताइपेः प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर पर स्थित ताइवान में आज प्रकृति ने अपनी संहारक शक्ति का परिचय दिया। दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित ताइतुंग काउंटी में आए 6.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने पूरे द्वीप देश को हिलाकर रख दिया। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र सतह से केवल 11.9 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। विज्ञान की भाषा में इतनी कम गहराई पर आने वाले भूकंप सबसे अधिक विनाशकारी माने जाते हैं, क्योंकि इनकी ऊर्जा सीधे धरातल पर प्रहार करती है। भूकंप के पहले झटके महसूस होते ही राजधानी ताइपे की गगनचुंबी इमारतों में लगे कंपन-रोधी यंत्र सक्रिय हो गए, लेकिन झटके इतने तीव्र थे कि लोग दहशत में अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर खुले मैदानों की ओर भागने लगे।
प्रारंभिक रिपोर्टों और स्थानीय मीडिया द्वारा साझा की गई तस्वीरों में तबाही के स्पष्ट निशान देखे जा सकते हैं। ताइतुंग के ग्रामीण इलाकों में कई पुरानी और ऐतिहासिक इमारतें पूरी तरह ढह गई हैं, जबकि आधुनिक निर्माण वाली इमारतों में बड़ी दरारें आ गई हैं।
द्वीप के बुनियादी ढांचे को भी भारी क्षति पहुँची है; मुख्य राजमार्गों पर जमीन फटने के कारण यातायात ठप हो गया है और कई स्थानों पर पुलों की संरचनात्मक मजबूती को खतरा पैदा हो गया है। ताइवान की हाई-स्पीड रेल सेवा को सुरक्षा कारणों से तुरंत निलंबित कर दिया गया है। बिजली के खंभे गिरने और सब-स्टेशनों में आई तकनीकी खराबी के कारण हजारों घर और उद्योग अंधेरे में डूबे हुए हैं।
भूकंप के झटके केवल ताइवान तक सीमित नहीं रहे; इनकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि चीन के फुजियान प्रांत, फिलीपींस के उत्तरी हिस्सों और जापान के सुदूर दक्षिणी ओकिनावा द्वीपों में भी लोगों ने धरती को डोलते हुए महसूस किया। ताइवान के राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी को वार फुटिंग पर काम करने का आदेश दिया है। बचाव दल मलबे में दबे संभावित लोगों को निकालने के लिए थर्मल सेंसर और प्रशिक्षित कुत्तों की मदद ले रहे हैं। हालांकि अभी तक सुनामी की आधिकारिक चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन तटीय निवासियों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी गई है। भू-वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगले 72 घंटों में 5.0 तीव्रता तक के आफ्टरशॉक्स आ सकते हैं, जो पहले से ही कमजोर हो चुकी इमारतों के लिए घातक सिद्ध हो सकते हैं।