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दो नये एयरलाइंसों को मिली सरकार की मंजूरी

इंडिगो संकट के बाद अब जाग गयी मोदी सरकार

  • अलहिंद एयर और फ्लाई एक्सप्रेस को हरी झंडी

  • केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने इसकी घोषणा की

  • एकछत्र राज का खतरा अब सरकार की समझ में

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: भारत के तेजी से बढ़ते विमानन बाजार में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और यात्रियों को बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने दो नई एयरलाइन्स को परिचालन शुरू करने की प्रारंभिक अनुमति दे दी है। यह कदम देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में हाल ही में आए बड़े संकट के कुछ ही हफ्तों बाद उठाया गया है, जिसने बाजार में एक ही कंपनी के दबदबे और उससे उत्पन्न जोखिमों पर बहस छेड़ दी थी।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस सप्ताह क्षेत्रीय एयरलाइन अलहिंद एयर और फ्लाईएक्सप्रेस को अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस निर्णय की जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार घरेलू बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर काम कर रही है।

इंडिगो संकट और बाजार की स्थिति हाल ही में इंडिगो द्वारा स्टाफ प्लानिंग में चूक के कारण लगभग 4,500 उड़ानें रद्द कर दी गई थीं, जिससे पूरे देश के हवाई अड्डों पर हजारों यात्री फंस गए थे। इस घटना ने भारतीय विमानन क्षेत्र में एकछत्र राज के खतरों को उजागर किया। वर्तमान में भारतीय बाजार के लगभग 65 प्रतिशत हिस्से पर इंडिगो का कब्जा है, जबकि एयर इंडिया समूह लगभग 27 फीसद हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर है। शेष छोटी एयरलाइनों के पास बाजार का बहुत कम हिस्सा बचा है। विश्लेषकों का मानना है कि प्रतिस्पर्धा की कमी के कारण संकट के समय यात्रियों के पास विकल्प सीमित हो जाते हैं।

नई एयरलाइन्स की योजना केरल स्थित अलहिंद समूह की एयरलाइन अलहिंद एयर की योजना दक्षिण भारत में एटीआर टर्बोप्रॉप विमानों के बेड़े के साथ परिचालन शुरू करने की है। कंपनी वर्तमान में एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट प्राप्त करने की प्रक्रिया में है। दूसरी ओर, फ्लाईएक्सप्रेस ने भी अपनी वेबसाइट के माध्यम से जल्द ही सेवाएं शुरू करने के संकेत दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि 2020 के बाद से भारत सरकार ने छह हवाई ऑपरेटरों को परमिट जारी किए हैं, जिनमें कई क्षेत्रीय कंपनियां शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ना और इंडिगो जैसी बड़ी कंपनियों पर निर्भरता कम करना है ताकि भविष्य में परिचालन संबंधी विफलताओं का असर आम जनता पर कम से कम पड़े।