ओडिशा में सुरक्षा बलों की बहुत बड़ी कामयाबी मिली
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रम्पा जंगल में उसे घेरा गया था
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सुबह से चालू मुठभेड़ दोपहर तक
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पिछले चालीस वर्षों से सक्रिय था
राष्ट्रीय खबर
हैदराबादः ओडिशा में सुरक्षा बलों ने माओवादी उग्रवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए शीर्ष तेलुगु माओवादी कमांडर गणेश उइके को मार गिराया है। गुरुवार को कंधमाल और गंजम जिलों की सीमा पर स्थित रम्पा जंगल क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के संयुक्त अभियान में 69 वर्षीय गणेश उइके सहित छह माओवादी ढेर कर दिए गए। मारे गए माओवादियों में दो महिला कैडर भी शामिल हैं।
गणेश उइके, जिसे पक्का हनुमंतु और राजेश तिवारी जैसे कई नामों से जाना जाता था, भाकपा (माओवादी) की शीर्ष केंद्रीय समिति का सदस्य और ओडिशा में माओवादी अभियानों का प्रमुख था। उस पर 1.1 करोड़ रुपये का भारी-भरकम इनाम घोषित था। सुरक्षा बलों के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे मुठभेड़ शुरू हुई जो दोपहर तक चली। घटनास्थल से दो इन्सास राइफल और एक .303 राइफल सहित भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं। यह ऑपरेशन ओडिशा को माओवाद मुक्त बनाने की दिशा में एक रीढ़ तोड़ने वाली सफलता मानी जा रही है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के डीजीपी वाईबी खुरानिया ने इस सफलता की सराहना करते हुए कहा कि भारत सरकार 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल मुक्त करने के लक्ष्य की ओर मजबूती से बढ़ रही है। गणेश उइके पिछले 40 वर्षों से सक्रिय था और दंडकारण्य विशेष जोनल कमेटी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। वह पूर्वी घाट में माओवादी विस्तार का मुख्य रणनीतिकार था। इस वर्ष सुरक्षा बलों ने कई शीर्ष कमांडरों को बेअसर किया है, जिससे माओवादी नेतृत्व पूरी तरह बिखर गया है। बाकी तीन मारे गए माओवादियों की पहचान की पुष्टि की जा रही है।