Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

हरियाणाा में RTI भरने वालों के लिए जरूरी खबर, लागू हुआ ये नियम… जानें क्या है खास

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने सभी विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि राज्य जन सूचना अधिकारियों (एसपीआईओ) एवं प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों द्वारा आरटीआई के पूरे जवाब तथा प्रथम अपील के आदेश सभी संलग्न दस्तावेजों के साथ अनिवार्य रूप से आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए जाएं। यदि दस्तावेज या फाइल का आकार बड़ा हो, तो उसे निर्धारित फाइल आकार सीमा के अनुरूप उचित रूप से कम्प्रेस किया जाए।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा राज्य के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों/निगमों के मुख्य प्रशासकों/प्रबंध निदेशकों, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों, मंडलायुक्तों तथा उपायुक्तों को एक पत्र जारी किया गया है।

सरकार के संज्ञान में आया है कि कई मामलों में सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल पर जवाब दर्ज करते समय केवल “उत्तर संलग्न है” अथवा “उत्तर दे दिया गया है” जैसी संक्षिप्त टिप्पणी दर्ज की जाती है, जबकि संबंधित दस्तावेज अपलोड नहीं किए जाते। इससे विशेष रूप से द्वितीय अपील के स्तर पर आवश्यक सूचना उपलब्ध नहीं हो पाती, क्योंकि आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल को एनआईसी द्वारा केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है।