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रांची में नाची से बाची जनजातीय स्वशासन महोत्सव का भव्य आगाज, स्वशासन और संस्कृति पर मंथन

रांची: राजधानी रांची के ऑड्रे हाउस में आज से दो दिवसीय नाची से बाची जनजातीय स्वशासन महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ. इस महोत्सव का आयोजन पंचायती राज विभाग झारखंड सरकार की ओर से किया जा रहा है. जिसका उद्देश्य जनजातीय स्वशासन की अवधारणा को मजबूत करना, ग्राम सभा को सशक्त बनाना और पारंपरिक व्यवस्थाओं को नई ऊर्जा देना है.

महोत्सव का उद्घाटन पारंपरिक नगाड़ों की गूंज के साथ किया गया. राज्य के विभिन्न जिलों से आए स्थानीय कलाकारों ने नगाड़ा वादन कर वातावरण को जनजातीय रंग में रंग दिया. कार्यक्रम में पंचायती राज विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह विशेष रूप से शामिल हुईं और उन्होंने महोत्सव की औपचारिक शुरुआत की.

दो दिवसीय महोत्सव में होंगे कई कार्यक्रम

दो दिवसीय इस आयोजन में जनजातीय जीवन, संस्कृति और स्वशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इसमें जनजातीय विषयक गोष्ठी, पारंपरिक नृत्य-संगीत, फिल्म शो, जनजातीय शिल्प प्रदर्शनी, आदिवासी खान-पान स्टॉल, पेंटिंग प्रदर्शनी और जनजातीय भाषाओं के कवियों की गोष्ठी शामिल है. इन कार्यक्रमों के माध्यम से जनजातीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्वशासन की परंपरा को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है.

पेसा कानून को लागू करने पर चर्चा

महोत्सव में राज्य के कई स्थानीय कलाकारों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली. जिससे आयोजन को जीवंत और जन-सरोकार से जुड़ा स्वरूप मिला. इसके साथ ही कार्यक्रम के दौरान तकनीकी सत्रों का भी आयोजन किया गया. जिसमें पेसा कानून (पंचायतों का अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार अधिनियम) को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई.

न्यूज लेटर और विभागीय पोर्टल का अनावरण

इस अवसर पर पंचायती राज विभाग के न्यूज लेटर का विमोचन किया गया. साथ ही विभागीय पोर्टल का भी अनावरण किया गया. इन पहलों का उद्देश्य पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता लाना, सूचनाओं को आसानी से आम लोगों तक पहुंचाना और डिजिटल माध्यम से स्वशासन को मजबूत बनाना है.