युद्धविराम की चर्चा फिर से ठंडे बस्ते में चली गयी
कीव: रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष एक अत्यंत घातक चरण में पहुँच गया है। 22 दिसंबर को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने वैश्विक मंच पर एक चौंकाने वाला डेटा साझा करते हुए बताया कि रूस ने पिछले सात दिनों के भीतर आक्रमण के अब तक के सबसे भीषण हवाई हमले किए हैं। इस बीच, रूस की राजधानी मॉस्को में एक कार बम धमाके ने पुतिन प्रशासन को हिलाकर रख दिया है, जिसमें रूसी सेना के एक शीर्ष रणनीतिकार की जान चली गई है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले एक हफ्ते में रूसी सेना ने यूक्रेन के शहरों पर लगभग 1,300 स्ट्राइक ड्रोन और 1,200 गाइडेड एरियल बम दागे हैं। इन हमलों में विशेष रूप से ओडेसा क्षेत्र और दक्षिणी यूक्रेन के बंदरगाहों को निशाना बनाया गया है, जिससे वहां का बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है।
जेलेंस्की ने इसे रूस का नया हवाई आतंक करार देते हुए कहा कि रूस अब केवल फ्रंटलाइन पर ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों के मनोबल को तोड़ने के लिए उनके रिहायशी इलाकों को कब्रिस्तान में बदलने की कोशिश कर रहा है। इसके जवाब में यूक्रेन ने यूरोपीय परिषद से 90 बिलियन यूरो के वित्तीय पैकेज और पुर्तगाल के साथ समुद्री ड्रोन के संयुक्त उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण समझौतों की घोषणा की है।
युद्ध के मोर्चे से दूर, सोमवार सुबह रूस की राजधानी मॉस्को में एक भीषण कार बम धमाका हुआ। रूसी जांच समिति के अनुसार, इस हमले में लेफ्टिनेंट जनरल फानिल सरवारोव की मौत हो गई। जनरल सरवारोव रूसी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ में ऑपरेशनल ट्रेनिंग निदेशालय के प्रमुख थे। जांच में पता चला है कि उनकी कार के नीचे एक आईईडी लगाया गया था, जो वाहन चलते ही फट गया। रूसी खुफिया एजेंसियां इसके पीछे सीधे तौर पर यूक्रेनी विशेष सेवाओं का हाथ होने का शक जता रही हैं। यह पिछले एक साल में रूस के भीतर किसी उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारी की तीसरी बड़ी हत्या है, जो रूसी सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी सेंध को दर्शाती है।
जनरल सरवारोव की हत्या और हाल ही में रूसी तेल रिफाइनरियों और एयरबेस पर हुए हमले यूक्रेन की नई सैन्य रणनीति डीप स्ट्राइक का हिस्सा माने जा रहे हैं। यूक्रेन अब अपनी सीमाओं के भीतर रक्षा करने के बजाय सीधे रूस के निर्णय केंद्रों और सैन्य नेतृत्व को निशाना बना रहा है। शीर्ष जनरलों की हत्या से रूसी सेना के कमांड और कंट्रोल स्ट्रक्चर में डर का माहौल पैदा करना। युद्ध को रूसी नागरिकों के घर तक पहुँचाना ताकि पुतिन के युद्ध समर्थक एजेंडे को कमजोर किया जा सके। लंबी दूरी के ड्रोन और स्लीपर सेल के माध्यम से रूस के भीतर सटीक हमले करना।
रूस के भीषण हवाई हमले और यूक्रेन द्वारा रूसी नेतृत्व पर किए जा रहे सर्जिकल प्रहार यह संकेत देते हैं कि आने वाले दिन और अधिक विनाशकारी हो सकते हैं। जहां रूस अपनी संख्यात्मक ताकत (ड्रोन और बम) का उपयोग कर रहा है, वहीं यूक्रेन अपनी इंटेलिजेंस और डीप स्ट्राइक क्षमताओं से रूस को चौंका रहा है।