बेमेतरा/कोंडागांव: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने के विरोध में आज बेमेतरा के घड़ी चौक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. कांग्रेसियों ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष आशीष छाबड़ा के नेतृत्व में जिला कांग्रेस भवन से घड़ी चौक तक जुलूस निकाला. कांग्रेस पार्टी ने पोस्टर के माध्यम से मनरेगा योजना वापस लाने की मांग की.
कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने बताया कि ”यूपीए की सरकार में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी की नेतृत्व में गरीब जनता को 100 दिन का रोजगार देने के उद्देश्य से महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना की शुरुआत 2006 में कांग्रेस शासनकाल में की गई थी. इसका लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और ग्रामीण जनता को नकद राशि प्रदान करना था परंतु भाजपा ने योजना बंद कर दूसरा नाम दिया है जो गलत है.”
केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
पार्षद और वरिष्ठ कांग्रेसी नेत्री रश्मि मिश्रा ने कहा कि गरीबों के पलायन को रोकने मजदूरों को स्थानीय स्तर में रोजगार देने तत्कालीन सरकार ने मजूदरों को 100 दिनों तक मजदूरों को गारंटी से रोजगार देने मनरेगा योजना शुरू किया. लेकिन अब केंद्र की भाजपा की सरकार ने लगातार योजनाओं के नाम बदलने का कार्य कर रही है.
चौपाटी मैदान में प्रदर्शन
कोंडागांव जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में चौपाटी मैदान में धरना प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार पिछले 12 वर्षों में कोई नई जनकल्याणकारी योजना नहीं ला पाई है, बल्कि कांग्रेस शासनकाल की योजनाओं के नाम बदलकर उन्हें अपनी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है. कांग्रेस नेताओं वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सरकार केवल प्रचार और दिखावे की राजनीति कर रही है.
धरने को संबोधित करते हुए केशकाल के पूर्व विधायक संत नेताम ने कहा कि भाजपा गोडसे की विचारधारा को बढ़ावा देती है, गांधी विचारधारा से नफरत करती है. पूर्व विधायक ने कहा कि मनरेगा के नाम और स्वरूप में बदलाव इसी मानसिकता का परिणाम है. भाजपा अपने दम पर कुछ नया नहीं कर सकती, इसलिए पुराने कानूनों में संशोधन कर जनता को गुमराह कर रही है.
बीजेपी पार्टी को कोसा
जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि घोष ने कहा, यदि भाजपा नई योजनाएं बनाती है और उनका नाम भगवान राम या भगवान कृष्ण के नाम पर रखती है तो कांग्रेस को कोई आपत्ति नहीं है. कांग्रेस पार्टी कभी राम विरोधी नहीं रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से परहेज करना भाजपा के गोडसे प्रेम को उजागर करता है. धरने के माध्यम से कांग्रेस ने भाजपा से नाम बदलने की राजनीति बंद कर वास्तविक विकास कार्य करने की मांग की