दक्षिण अफ्रीका में अनियंत्रित अपराध का क्रम बढ़ता जा रहा है
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स्थानीय बार पर रात को हुआ हमला
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यह इलाका एक स्वर्ण खनन बेल्ट है
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बाहर निकलकर भी चारों तरफ फायरिंग की
जोहान्सबर्ग: दक्षिण अफ्रीका का सबसे बड़ा शहर एक बार फिर भीषण रक्तपात से दहल उठा है। जोहान्सबर्ग के बाहरी इलाके में रविवार तड़के अज्ञात बंदूकधारियों ने एक स्थानीय बार पर हमला कर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, जिसमें कम से कम 10 निर्दोष लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दिसंबर महीने के भीतर देश में यह सामूहिक गोलीबारी की दूसरी सबसे बड़ी और खौफनाक वारदात है।
आधी रात को बरपा मौत का तांडव यह वीभत्स घटना जोहान्सबर्ग से लगभग 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित बेकर्सडाल नामक क्षेत्र की है, जो मुख्य रूप से एक स्वर्ण खनन बेल्ट के रूप में जाना जाता है। चश्मदीदों और पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, रात करीब 1:00 बजे जब बार के भीतर लोग मौजूद थे, तभी दो वाहनों में सवार होकर लगभग एक दर्जन हथियारबंद हमलावर वहां पहुंचे।
उन्होंने बिना किसी चेतावनी के बार में मौजूद ग्राहकों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। चश्मदीदों ने बताया कि हमलावर इतने बेखौफ थे कि वारदात को अंजाम देकर भागते समय भी उन्होंने सड़कों पर बेतरतीब ढंग से फायरिंग जारी रखी, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। इस हमले में 10 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
दिसंबर में हिंसा की दूसरी बड़ी लहर दक्षिण अफ्रीका के लिए यह हफ्ता बेहद भारी रहा है। इससे पहले 6 दिसंबर को भी राजधानी प्रिटोरिया के पास सॉलविले टाउनशिप में एक हॉस्टल पर इसी तरह का हमला हुआ था। उस भयावह घटना में तीन साल के एक मासूम बच्चे समेत 12 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पुलिस का मानना है कि वह हमला अवैध शराब बिक्री के अड्डों से जुड़ा हो सकता था। वर्तमान में दक्षिण अफ्रीका संगठित अपराध सिंडिकेट्स, गैंगवार और भ्रष्टाचार की गहरी समस्या से जूझ रहा है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती अफ्रीकी महाद्वीप के सबसे विकसित और औद्योगिक राष्ट्र में इस तरह की बढ़ती हिंसा ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस विभाग का कहना है कि बेकर्सडाल हत्याकांड के पीछे के सटीक कारणों की जांच के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं, हालांकि अभी तक किसी भी संदिग्ध को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। संगठित अपराध नेटवर्क के बढ़ते प्रभाव के कारण आम नागरिकों की सुरक्षा अब प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध हथियारों की बढ़ती संख्या और आर्थिक असमानता इन हिंसक घटनाओं के मूल कारणों में शामिल हैं।