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महाकाल मंदिर में चढ़ाया चांदी का भव्य द्वार, कोलकाता की श्रद्धालु का अनुपम दान

उज्जैन: उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह के बाहर 25 किलोग्राम चांदी से निर्मित भव्य द्वार स्थापित किया गया है। यह आकर्षक द्वार कोलकाता की महिला श्रद्धालु निभा प्रकाश द्वारा भगवान महाकाल को श्रद्धा भाव से दान किया गया है। मंदिर प्रशासन द्वारा इसकी स्थापना रविवार को विधि-विधान के साथ संध्या आरती के दौरान की गई।

मंदिर के गर्भगृह का आंतरिक और बाहरी परिसर पत्थर से निर्मित होने के कारण, नए चांदी के द्वार की माप के अनुसार विशेष तैयारी की गई थी। यह द्वार दो लकड़ी के पल्लों पर तैयार किया गया है, जिन पर कुल 25 किलोग्राम शुद्ध चांदी का उपयोग किया गया है। चांदी पर की गई बारीक नक्काशी इसे और भी भव्य स्वरूप प्रदान करती है।

दरवाजे के दोनों पल्लों पर भगवान शिव से जुड़े पावन प्रतीक उकेरे गए हैं। इनमें नंदीजी, ओंकार, त्रिशूल, कलश के साथ फूल और सुंदर बेलबूटों की कलात्मक आकृतियां शामिल हैं। नक्काशी की यह कला श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित कर रही है।

मंदिर के पंडित भूषण व्यास की प्रेरणा से कोलकाता निवासी निभा प्रकाश ने नवंबर के अंतिम सप्ताह में इस द्वार को दान करने का संकल्प लिया था। उनका यह दान भगवान महाकाल के प्रति अटूट आस्था और भक्ति का प्रतीक माना जा रहा है। मंदिर समिति की और से सह प्रशासक आशीष फलवाड़िया द्वारा दान दाता निभा प्रकाश का सम्मान किया गया।