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मध्यप्रदेश के राज्यसभा चुनाव पर कांग्रेस का पारा गरम

उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज

राष्ट्रीय खबर

भोपालः मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले आगामी चुनावों में एक बड़ा मोड़ आया है। निर्वाचन अधिकारी ने मंगलवार को कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज कर दिया। यह कार्रवाई भाजपा की उस शिकायत के बाद की गई है जिसमें आरोप लगाया गया था कि नटराजन ने अपने हलफनामे में एक मामले से जुड़ी जानकारी छिपाई है।

यह शिकायत भाजपा उम्मीदवार महेश केवट की ओर से दर्ज कराई गई थी, जिन्हें तीसरी राज्यसभा सीट पर नटराजन के खिलाफ मैदान में उतारा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नटराजन ने तेलंगाना में अपने खिलाफ दर्ज एक मामले की जानकारी जानबूझकर छिपाई। इसी तरह की एक आपत्ति भाजपा के प्रदेश महासचिव राहुल कोठारी ने भी दर्ज कराई थी।

इसके बाद, निर्वाचन अधिकारी और विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा ने नटराजन के नामांकन पत्र को खारिज कर दिया। उन्होंने अपने आदेश में उल्लेख किया कि नटराजन को हैदराबाद की एक अदालत में उनके खिलाफ दायर शिकायत की पूरी जानकारी थी, लेकिन वे हलफनामे में इसका उल्लेख करने में विफल रहीं।

मंगलवार शाम को जारी दो पन्नों के आदेश में, निर्वाचन अधिकारी ने उल्लेख किया कि नटराजन ने अक्टूबर 2025 में इस मामले पर एक जवाब दाखिल किया था, जिससे यह साफ साबित होता है कि उन्हें पूरे मामले की पूरी जानकारी थी। आरओ ने कहा कि इससे यह स्थापित होता है कि उन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए अधूरा हलफनामा (फॉर्म 26) दाखिल किया है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की तेलंगाना प्रभारी मीनाक्षी नटराजन ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और इसे राज्यसभा सीट की चोरी करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया, जब उन्हें (भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को) यह समझ आ गया कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस बंटी हुई नहीं बल्कि एकजुट है, और कम वोटों के कारण वे अपने तीसरे उम्मीदवार को नहीं जिता पाएंगे, तब उन्होंने एक कानूनी नोटिस (जिसका संज्ञान भी नहीं लिया गया था) की आड़ में मेरे नामांकन को चुनौती दी।

उन्होंने आगे कहा, यद्यपि हमारी कानूनी टीम ने इस मामले में अपने तर्क बेहद मजबूती से रखे, लेकिन निर्वाचन अधिकारी ने फैसला सुनाते समय उन तर्कों पर ध्यान नहीं दिया। यह सिर्फ एक राज्यसभा सीट या मेरा पर्चा खारिज होने का सवाल नहीं है, बल्कि यह देश पर एक-पार्टी व्यवस्था और तानाशाही थोपने तथा संघीय ढांचे को गंभीर रूप से कमजोर करने का मामला है।

नटराजन के नामांकन पत्र के खारिज होने से तीसरी राज्यसभा सीट पर भाजपा के महेश केवट के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया है।  इस बीच, कांग्रेस के शीर्ष नेता मंगलवार देर रात नई दिल्ली में चुनाव आयोग (इलेक्शन कमीशन) के दफ्तर पहुंचे ताकि इस फैसले के खिलाफ एक याचिका सौंपी जा सके, लेकिन उन्हें भीतर जाने की अनुमति नहीं मिली। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की ओर से जारी एक आधिकारिक संदेश में कहा गया है कि वह बुधवार को पार्टी के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेगा।