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पंद्रह साल से कम उम्र में पिता बन गये लाखों लोग

बंगाल की वोटर लिस्ट से 58 लाख नाम गायब

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः राज्य चुनाव आयोग के ड्राफ्ट मतदाता सूची सत्यापन चरण की गिनती समाप्त हो गई है, और इससे जुड़ी जानकारी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, ड्राफ्ट चरण में 58 लाख से अधिक वोटरों के नाम मतदाता सूची से बाहर किए गए हैं, जो सत्यापन प्रक्रिया के पैमाने को दर्शाता है।

बाहर किए गए वोटरों की कुल संख्या 58 लाख 18 हज़ार 487 है। इस प्रक्रिया में सामने आई विसंगतियों में कई चौंकाने वाले तथ्य हैं: मसलन, करीब 12 लाख वोटर ऐसे हैं जो 15 साल से कम उम्र में ही पिता बन गए थे। रिपोर्ट में बताया गया है कि सूची से नाम बाहर होने के मुख्य कारणों में शामिल हैं। मृत वोटर: 24 लाख 18 हज़ार 599, लापता वोटर: 12 लाख 12 हज़ार 274, स्थानांतरित वोटर: 19 लाख 91 हज़ार 966, पिता/माता और बच्चे की उम्र में 50 साल का अंतर: 8 लाख 77 हज़ार 736, दादा/दादी और पोता/पोती की उम्र में 40 साल का अंतर: 3 लाख 29 हज़ार 152।

इसके अलावा, 1 करोड़ 70 लाख वोटरों की जानकारी में गड़बड़ियां पाई गई हैं, और 30 लाख वोटरों की जानकारी मैप नहीं हुई है। आयोग ने अब तक राज्य के 2 करोड़ वोटरों को सुनवाई के लिए बुलाने का अनुमान लगाया है। कमीशन के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि इतने बड़े पैमाने की प्रक्रिया में कुछ त्रुटियाँ हो सकती हैं, जिन्हें सुनवाई के दौरान ठीक कर लिया जाएगा। ड्राफ्ट सूची 16 दिसंबर को जारी की जाएगी।

यह जानकारी सामने आने के बाद राज्य की राजनीति गर्म हो गई है। एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही भाजपा लगातार दावा कर रही थी कि सूची से 1 करोड़ नाम हटाए जाएंगे, और इस जानकारी को भगवा खेमा अपने आरोपों की पुष्टि के रूप में देख रहा है। भाजपा का आरोप है कि कई फर्जी वोटरों और रोहिंग्याओं ने गलत जानकारी देकर नाम दर्ज कराए थे।

दूसरी ओर, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इतने कम समय में एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने पर सवाल उठाए हैं, यह दावा करते हुए कि जल्दबाजी में कई गड़बड़ियां होंगी, और यह सामने आई जानकारी उसका सबूत है। टीएमसी ने आयोग द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी के उपयोग पर भी आपत्ति जताई है, आशंका व्यक्त की है कि इससे कई जानकारियों का बेमेल होना संभव है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुरुआत से ही कम समय में एसआईआर प्रक्रिया पर मुखर रही हैं, और जानकार सूत्रों का मानना ​​है कि अब टीएमसी इस मुद्दे को और मजबूती से उठाएगी।