पहली नोटिस के खारिज होने के बाद भी जुटा है विपक्ष
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पिछला प्रस्ताव अस्वीकार हो गया था
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इस बार तेरह पन्नों की नोटिस भेजी है
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सीईसी पर कुल नौ आरोप लगाये गये
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः विपक्षी दलों ने शुक्रवार को राज्यसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए एक नया नोटिस पेश किया है। विपक्षी सांसदों ने उन पर पक्षपाती तरीके से काम करने और सत्ताधारी दल के प्रति झुकाव रखने का गंभीर आरोप लगाया है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश और तृणमूल कांग्रेस की सागरिका घोष द्वारा राज्यसभा के महासचिव को सौंपे गए इस 13 पन्नों के नोटिस पर उच्च सदन के 73 विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर हैं।
सांसदों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और उत्तर प्रदेश के उदाहरणों का हवाला देते हुए कुल नौ आरोप लगाए हैं। मुख्य आरोप आदर्श आचार संहिता के असमान प्रवर्तन से संबंधित है। सांसदों का दावा है कि चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सार्वजनिक प्रसारकों (दूरदर्शन, संसद टीवी और आकाशवाणी) के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित कर विपक्ष की आलोचना करने के मामले में नियमों के उल्लंघन की अनदेखी की।
नोटिस में अन्य प्रमुख मुद्दों को भी उठाया गया है। पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ चुनाव आयोग का एक सोशल मीडिया पोस्ट, जिसे ईसीआई की तृणमूल कांग्रेस से सीधी बात शीर्षक दिया गया था। दिल्ली में चुनाव आयोग मुख्यालय में बैठक के दौरान सीईसी और तृणमूल प्रतिनिधिमंडल के बीच कथित तीखी नोकझोंक।
पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन के बहाने बड़े पैमाने पर लोगों को मताधिकार से वंचित करने के आरोप। केरल में एक आधिकारिक चुनावी दस्तावेज पर भाजपा की राज्य इकाई की मुहर मिलने की घटना, जिसे विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग की भाजपा से संस्थानिक निकटता का प्रमाण बताया।
यह प्रस्ताव संविधान के अनुच्छेद 324(5) और जजेस (इन्क्वायरी) एक्ट, 1968 के प्रावधानों के तहत लाया गया है। यदि राज्यसभा के सभापति इस नोटिस को स्वीकार करते हैं, तो मामले की जांच के आदेश दिए जाएंगे। सांसदों ने मांग की है कि जब तक जांच लंबित है, श्री कुमार को चुनावी कार्यों से खुद को अलग कर लेना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 12 मार्च को दिया गया एक अन्य नोटिस सबूतों की कमी के कारण खारिज कर दिया गया था, लेकिन विपक्ष का दावा है कि शुक्रवार का यह प्रस्ताव 15 मार्च 2026 के बाद की घटनाओं पर आधारित है।