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चुनाव आयोग से स्पष्टता की उम्मीद हैः कुमार स्वामी

देश के एसआईआर विवाद में अब एक और एनडीए घटक दल

यह एक संवैधानिक संस्था है देश की

आयोग में मतभेद की सच्चाई वे बताएं

जनता के बीच अभी भ्रम की हालत है

राष्ट्रीय खबर

बेंगलुरुः जनता दल (सेक्युलर) के नेता एच. डी. कुमारस्वामी ने शनिवार को भारत के निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि वह अपने तीन शीर्ष अधिकारियों के बीच मतभेदों की खबरों पर स्पष्टता दे और संस्था की साख की रक्षा के लिए सभी तथ्यों को जनता के सामने रखे। उनके इस बयान से एक दिन पहले एनडीए के तीन प्रमुख सहयोगियों ने भी चुनाव निकाय से इस मामले में पूरी तरह से स्थिति साफ करने की मांग की थी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग एक जिम्मेदार संवैधानिक संस्था है जिसने पिछले 78 वर्षों में देश में लोकतंत्र को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा के नेतृत्व वाला दल जेडी(एस) एनडीए का हिस्सा है। वहीं, बीजेपी ने चुनाव आयोग का बचाव करते हुए इसके भीतर सामने आए कथित मतभेदों को शुद्ध लोकतंत्र करार दिया है, जो लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास), तेलुगु देशम पार्टी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा द्वारा चुनाव आयोग से अधिक स्पष्टता की मांग के विपरीत है।

कुमारस्वामी द इंडियन एक्सप्रेस की उन खोजी रिपोर्टों के बाद कांग्रेस द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों से जुड़े एक सवाल का जवाब दे रहे थे, जिनमें दावा किया गया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने अन्य दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद कई फैसले एकतरफा लिए थे। रिपोर्टों में यह भी आरोप लगाया गया था कि इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटा दिए गए।

पत्रकारों से बात करते हुए कुमारस्वामी ने कहा, मीडिया में मुख्य चुनाव आयुक्त और दो आयुक्तों के बीच मतभेदों को लेकर खबरें आ रही हैं। कांग्रेस नेता इसे एक बहुत बड़ा अपराध मानकर देश भर में प्रदर्शन कर रहे हैं। मैं यह चर्चा नहीं करना चाहता कि सत्ता में रहते हुए कांग्रेस नेताओं ने क्या किया था। हालांकि, उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वास्तव में क्या हुआ है। उन्होंने आगे कहा, चुनाव आयोग से मेरी यही अपील है कि इन मतभेदों का कारण क्या है? इन घटनाओं के पीछे की सच्चाई क्या है? उन्हें देश की जनता को बताना चाहिए कि वास्तविक तथ्य क्या हैं।