Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Crime News: मामूली विवाद में बग्घी चालक की चाकू से गोदकर हत्या, पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार MP के बिजली उपभोक्ताओं की चांदी! अब 15 मई तक उठाएं विद्युत समाधान योजना का लाभ; ऊर्जा मंत्री का बड़ा... Ujjain Tepa Sammelan: अंतरराष्ट्रीय मूर्ख दिवस पर उज्जैन में जमकर उड़े ठहाके, 'टेपा सम्मेलन' में कवि... रीवा में इंसानियत शर्मसार! किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर 56 लाख की ठगी, पुलिस ने हरदा से दबोचा शातिर ... MP News: मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी पर मचा घमासान, भारतीय किसान संघ ने 15 मई से आंदोलन का किया ऐलान Sidhi News: सीधी कलेक्टर ने रात में किया औचक निरीक्षण, जमीन पर बैठकर सुनीं समस्याएं; ताबड़तोड़ आदेश ... बड़ी खबर! 22 हजार स्कूलों की 1.22 लाख सीटों पर आज निकलेगी लॉटरी, आपके बच्चे को मिलेगा फ्री एडमिशन? ग्वालियर के मरीजों की चांदी! अब फ्री जैसे दाम में होगा ऑपरेशन, सालों से धूल खा रही मशीन हुई शुरू Satna News: सतना में जवारे विसर्जन से लौट रहे श्रद्धालुओं पर लाठी-डंडों से हमला, एक की हालत गंभीर Bhopal Weather Update: अप्रैल में तपती थी भोपाल की धरती, इस बार क्यों है राहत? देखें पिछले 10 साल का...

पीएम मोदी का उत्तराधिकारी कौन? सवाल का RSS प्रमुख मोहन भागवत ने दिया ये जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराधिकारी कौन, जब यह सवाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत से पूछा गया तो उन्होंने इस बहस में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया. भागवत ने कहा कि देश के अगले प्रधानमंत्री के बारे में विचार-विमर्श और फैसला पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और खुद नरेंद्र मोदी करेंगे.

यह पूछे जाने पर कि पीएम मोदी का उत्तराधिकारी कौन होगा, मोहन भागवत ने कहा, “कुछ सवाल मेरे दायरे से बाहर हैं. इसलिए इस बारे में मुझे कुछ भी कहना नहीं है.” उन्होंने आगे कहा, “मैं सिर्फ शुभकामनाएं दे सकता हूं, और कुछ नहीं. मोदी जी के बाद कौन, यह खुद मोदी जी और बीजेपी को तय करना है.”

उत्तराधिकार की बहस में शामिल नहीं

चेन्नई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष समारोह में शामिल होने गए भागवत के जवाब को खुले तौर पर इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि संघ का बीजेपी के अंदर उत्तराधिकार की बहस में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने यह बयान 9 दिसंबर को दिया था.

साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अगर भारत को “विश्वगुरु” के रूप में उभरना है तो जाति-आधारित और भाषायी विभाजन को खत्म करना ही होगा. भागवत ने कहा, “हमें RSS को एक लाख या उससे ज्यादा जगहों पर ले जाना है. हमें अपने देश में जाति और भाषायी विभाजन को खत्म करना है और एकता वाला समाज बनाना है.”

जनता के साथ हो संवाद प्रक्रियाः भागवत

संघ प्रमुख भागवत ने कल बुधवार को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में कहा कि जनता के साथ गहरी संवाद प्रक्रिया होनी चाहिए, क्योंकि आरएसएस की अब तक की यात्रा तथ्यों की तुलना में धारणाओं के जरिए फैली. उन्होंने कहा कि इसी को देखते हुए देशभर में नए-नए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें संघ के स्वयंसेवक लोगों से बातचीत करेंगे. उनके साथ संघ के बारे में सटीक और तथ्यात्मक रूप से जानकारी साझा करेंगे.