भाजपा में शामिल होते ही राज्यसभा का टिकट मिला
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व राज्यसभा सांसदों सुष्मिता देव, सुखेन्दु शेखर राय और प्रकाश चिक बड़ाइक को पश्चिम बंगाल में 24 जुलाई को होने वाले आगामी राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। यह घोषणा इन तीनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने के महज कुछ ही घंटों के भीतर की गई है।
यह घोषणा उस समय सामने आई जब पिछले महीने राज्यसभा सदस्यता और टीएमसी से इस्तीफा देने वाले इन तीनों नेताओं को साल्ट लेक स्थित भाजपा के पश्चिम बंगाल मुख्यालय में राज्य इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य द्वारा औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। इससे पहले दिन में, भट्टाचार्य ने इस बात की पुष्टि करने से इनकार कर दिया था कि क्या इन तीनों को उपचुनाव में उतारा जाएगा। उन्होंने मुस्कुराते हुए केवल इतना कहा था, चर्चाओं को जारी रहने दें।
टीएमसी के नेताओं को पार्टी में शामिल न करने के भाजपा के पिछले रुख के बावजूद इन पूर्व टीएमसी नेताओं को शामिल किए जाने का बचाव करते हुए, भट्टाचार्य ने इस कदम को एक अपवाद बताया। उन्होंने कहा, हमने कहा था कि तृणमूल नेताओं के लिए दरवाजे बंद हैं। हम आज भी उस बात पर कायम हैं। लेकिन वे लोग जो भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं थे, जिन्होंने जनता पर अत्याचार नहीं किया, जिन्होंने नौकरियां नहीं बेचीं या लोगों के अधिकार नहीं छीने, उन सभी का टीएमसी के खिलाफ इस लड़ाई में हमारे साथ शामिल होने के लिए हमेशा स्वागत है।
इस फैसले को एक ऐसा अपवाद जो नियम को सिद्ध करता है बताते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि इन तीनों पूर्व सांसदों के राजनीतिक अनुभव से पश्चिम बंगाल में भाजपा को काफी मजबूती मिलेगी। वर्ष 2021 में कांग्रेस छोड़कर टीएमसी में शामिल हुईं सुष्मिता देव ने अपनी पूर्व पार्टी पर तीखा हमला बोला और वहां बड़े पैमाने पर फैले भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, टीएमसी में शामिल होने के बाद ही मुझे एहसास हुआ कि भ्रष्टाचार की सीमा कितनी अविश्वसनीय हो सकती है। मेरे आलोचक कई कमियों की ओर इशारा कर सकते हैं, लेकिन कोई भी यह नहीं कह सकता कि मैं कभी भ्रष्टाचार से जुड़ी रही हूँ।
सुखेन्दु शेखर राय ने भी टीएमसी की कड़ा आलोचना की, जबकि भट्टाचार्य ने इन नेताओं के पुराने राजनीतिक अतीत को तवज्जो न देते हुए सामान्य बताया। भट्टाचार्य ने कहा, हर किसी का एक अतीत होता है। अब उनकी एकमात्र पहचान यही है कि वे भाजपा के कार्यकर्ता हैं। असम से ताल्लुक रखने के बावजूद कोलकाता में भाजपा में शामिल होने के सवाल पर सुष्मिता देव ने स्पष्ट किया कि यह फैसला पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया गया था। उन्होंने कहा, मैं घर बैठे डिजिटल रूप से भी सदस्यता ले सकती थी। लेकिन नेतृत्व ने तय किया कि मुझे यहाँ (बंगाल में) शामिल होना चाहिए। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी मुझसे कहा कि मुझे बंगाल की जनता का सम्मान करना चाहिए क्योंकि उन्होंने मुझे दो बार राज्यसभा के लिए चुना था।
भट्टाचार्य ने आगे बताया कि सुष्मिता देव देश भर में भाजपा के लिए काम करेंगी। ज्ञात हो कि चुनाव आयोग ने हाल ही में सुष्मिता देव, सुखेन्दु शेखर राय और प्रकाश चिक बड़ाइक द्वारा उच्च सदन और टीएमसी से इस्तीफा दिए जाने के बाद खाली हुई तीन राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की थी। अब भाजपा द्वारा आधिकारिक तौर पर इन तीनों को ही मैदान में उतारे जाने के बाद, ये तीनों नेता एक बार फिर भाजपा के टिकट पर संसद में वापसी की तैयारी में हैं।