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विधायक मालामाल, कर्मचारी बेहाल और यूनियन क्लब निढाल

प्लाजा सिनेमा की बंदी पर किसी को चिंता नहीं

  • अन्यतम प्राचीन सिनेमाहॉल है यह

  • यूनियन क्लब ने इसे लीज पर दिया है

  • विधायक का प्रबंधन जानकर सभी चुप है

राष्ट्रीय खबर

रांचीः शहर का अन्यतम पुराना सिनेमा हॉल काफी समय से बंद पड़ा है। वहां के कर्मचारी तथा सिनेमाहॉल पर आधारित कारोबार करने वाले इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। चूंकि इस हॉल का वर्तमान संचालन विधायक नवीन जयसवाल के पास है। इसलिए सरकार और श्रम विभाग की तरफ से भी सिनेमाघर के बंद होने पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। इस हॉल के बंद होने से सरकार को जो राजस्व का नुकसान हो रहा है, उस पर भी सरकार का कोई ध्यान नहीं है। यह सब कुछ इसलिए है क्योंकि इसके संचालन हटिया के विधायक हैं।

प्लाजा सिनेमा की जड़ें बहुत पुरानी हैं, कुछ रिपोर्टों के अनुसार, यह 1946 में स्थापित हुआ था। हालाँकि, जिस इमारत में यह स्थित है, वह ब्रिटिश काल की है। कुछ स्रोत बताते हैं कि इसका निर्माण 1939 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुआ था, और ब्रिटिश सेना इसे एक विश्राम स्थल के रूप में इस्तेमाल करती थी।

यह मूल रूप से यूनियन क्लब एंड लाइब्रेरी, जो 1864 से स्थापित है, के एक प्रेक्षागृह के रूप में बनाया गया था। 1946 में, क्लब की परिचालन समिति ने इस प्रेक्षागृह को फिल्म प्रदर्शन के लिए गांगुली एंड याकूब कंपनी को लीज पर दे दिया और इसका नाम प्लाजा रखा गया। स्वतंत्रता के बाद हेमेन गांगुली जैसे सांस्कृतिक रूप से जुड़े व्यवसायी ने इसे एक पूर्ण थिएटर में बदल दिया, जहाँ लोकप्रिय बंगाली नाटक भी दिखाए जाते थे।

उस दौर में इसका संचालन ख्यातिप्राप्त हेमेन गांगुली के परिवार के पास था। बाद में यह जयसवाल परिवार के पास चला गया। बाद में यूनियन क्लब ने इसे विधायक नवीन जयसवाल के हाथों दिया। अब लंबे समय तक इस लीज के जारी रहने की वजह से क्लब भी इस बारे में कोई पहल नहीं कर पा रहा है। दूसरी तरफ संचालन विधायक के पास होने की वजह से जिला प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है।

यह सिनेमाघर रांची में सबसे सस्ते सिनेमाघरों में से एक माना जाता रहा है, जहाँ टिकटों की कीमत 60 से 100 तक (या कम बजट वाले सेगमेंट में) शुरू होती है। यह इसे बजट सेगमेंट के दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनाता है। यह आज भी नई तकनीक के साथ चल रहा है और कुछ समय पहले तक इसे आईलेक्स प्लाजा या ईलेक्स प्लाजा के रूप में भी जाना जाता था, जो दर्शाता है कि इसने आधुनिक सुविधाओं को अपनाने की कोशिश की है।

2005 के आसपास, पुरानी संरचना होने और सी-ग्रेड फिल्में दिखाने के कारण इसके नवीनीकरण या ध्वस्त कर मल्टीप्लेक्स बनाने की खबरें थीं। कोरोना महामारी के दौरान अन्य पुराने सिनेमा हॉलों की तरह प्लाजा को भी नुकसान हुआ और यह कुछ समय के लिए बंद रहा। उसके बाद अज्ञात कारणों से इसे दोबारा चालू करने की दिशा मं कोई नया प्रयास नहीं हुआ।