Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Cyber Fraud: अब पुलिस भी सुरक्षित नहीं! साइबर ठगों के जाल में फंसा ASI, एक टेक्स्ट मैसेज से खाते से ... Bhopal GMC News: भोपाल GMC में सनसनी; MBBS छात्रा का बाथरूम में मिला शव, पास मिली एसिड की खाली बोतल Bandhavgarh News: बांधवगढ़ की लाडली का टूटा सपना! हेलिकॉप्टर से होनी थी विदाई, लेकिन खौफनाक अंत ने स... Shahdol News: शहडोल में CM को काले झंडे दिखाने पर बवाल; पुलिस ने नाबालिग को भी भेजा जेल, कांग्रेस का... Digvijaya Singh News: दिग्विजय सिंह के उस पुराने 'ऑफर' का अब जिक्र क्यों? पार्टी के लिए चेतावनी या न... Narmadapuram News: खनन माफिया के हौसले बुलंद! नर्मदापुरम में MPIDC की जमीन कर दी खोखली, दिनदहाड़े दौ... T20 World Cup 2026: टीम इंडिया के अभियान से पहले नीदरलैंड्स का धमाका, नामीबिया को हराकर पाकिस्तान को... Box Office Clash: आमिर खान-सनी देओल की फिल्म से भिड़ेंगे सलमान खान? 'बैटल ऑफ गलवान' पर अपूर्व लाखिया... NATO Restructuring: बदलने जा रहा है नेटो का ढांचा! अमेरिका के बाद अब इटली और ब्रिटेन बनेंगे नए 'पावर... Dates Production: खजूर के कारोबार में खाड़ी देशों को पछाड़ रहा ये छोटा मुल्क; एक्सपोर्ट में बनाया नय...

अनिश्चितताओं से भरा संसार, आत्मविश्वास से भरा भारत:मोदी

सार्वजनिक मंच पर प्रधानमंत्री का पूरा दार्शनिक अंदाज

  • हिंदू वृद्धि पर भी अपनी राय जाहिर की

  • देश अपने विकास की गाथा लिख रहा है

  • औपनिवेशिक सोच से बाहर निकलना होगा

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लोगों से आग्रह किया कि वे अगले 10 वर्षों में देश को गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह मुक्त करें। उन्होंने तथाकथित बुद्धिजीवियों पर भी तीखा हमला किया, जो कई वर्षों की धीमी आर्थिक वृद्धि को हिंदू वृद्धि दर कहकर एक पूरी सभ्यता को बदनाम करने की कोशिश करते थे।

एक मीडिया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मोदी ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया अनिश्चितताओं से भरी है और वैश्विक मंदी के दौर में भी भारत आत्मविश्वास से भरा है और अपनी विकास गाथा लिख रहा है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि कोई भी देश आत्म-विश्वास के बिना आगे नहीं बढ़ सकता और आज हर क्षेत्र औपनिवेशिक मानसिकता को छोड़ रहा है तथा गर्व के साथ नई उपलब्धियों का लक्ष्य बना रहा है।

मोदी ने कहा, यह औपनिवेशिक मानसिकता एक विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने में एक बड़ी बाधा बन गई है। इसलिए, आज का भारत इस मानसिकता से खुद को मुक्त करने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस औपनिवेशिक मानसिकता का प्रभाव इतना गहरा था कि आज भी, जब दुनिया भर के कई लोग भारत को वैश्विक विकास इंजन बताते हैं, तो बहुत कम लोग गर्व से इस उपलब्धि के बारे में बात करते हैं।

उन्होंने सवाल किया, क्या किसी ने कभी इसे हिंदू वृद्धि दर कहा है? और श्रोताओं को याद दिलाया कि इस शब्द का इस्तेमाल तब किया गया था जब भारत दो से तीन प्रतिशत की विकास दर तक पहुंचने के लिए भी संघर्ष कर रहा था। मोदी ने कहा कि देश का आर्थिक प्रदर्शन उसके लोगों के विश्वास से जुड़ा हुआ था और एक पूरे समाज को गरीबी का पर्याय बना दिया गया था।

प्रधानमंत्री ने कहा, यह संदेश दिया जा रहा था कि भारत की धीमी वृद्धि किसी तरह हिंदू सभ्यता का ही परिणाम थी। और जो लोग अब हर मुद्दे का सांप्रदायिकरण करते हैं, उन्हें तब इस शब्द पर कोई आपत्ति नहीं थी। यह शब्द किताबों और शोध पत्रों का हिस्सा बन गया।

उन्होंने आगे कहा, मैकाले की वह नीति, जिसने भारत में मानसिक गुलामी के बीज बोए थे, 2035 में 200 साल पूरे करेगी। इसका मतलब है कि हमारे पास 10 साल बचे हैं। इसलिए, इन 10 वर्षों में, हम सभी को मिलकर अपने देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करना होगा।

यह दावा करते हुए कि भारत उच्च वृद्धि और कम मुद्रास्फीति का एक मॉडल है, उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में देश की 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था का विकास चालक बन रहा है। मोदी ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया अनिश्चितताओं से भरी है, भारत को एक अलग लीग में देखा जा रहा है।