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बुल्गारिया में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज हुए

जेन जेड का रोष एक दूसरे देश में भी सामने आ गया

सोफिया: दक्षिण-पूर्वी यूरोप के देश बुल्गारिया की राजधानी सोफिया सहित प्रमुख शहरों में इन दिनों एक बड़ा राजनीतिक संकट उभरकर सामने आया है। देश के पिछले कई वर्षों के इतिहास में यह सबसे बड़े और सबसे तीखे सरकार विरोधी प्रदर्शनों में से एक बन गया है, जिसने देश की राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन विरोध प्रदर्शनों का एक महत्वपूर्ण और निर्णायक पहलू यह है कि इसका नेतृत्व मुख्य रूप से जनरेशन ज़ेड के युवा प्रदर्शनकारियों ने किया है, जो देश के भविष्य को लेकर गहरी निराशा और बदलाव की तीव्र इच्छा व्यक्त कर रहे हैं।

बुल्गारियाई समाज में व्याप्त व्यापक निराशा कई अंतर्निहित समस्याओं का परिणाम है। इन विरोधों को भड़काने वाली मुख्य वजहों में ख़राब शासन, व्यवस्था में कथित माफिया प्रभाव का गहरा होना, न्यायिक जवाबदेही की घोर कमी और देश में लगातार बढ़ती आर्थिक और सामाजिक असमानता शामिल हैं। आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं को लगता है कि उनके देश को यूरोपीय संघ का सदस्य होने के बावजूद, प्रभावी ढंग से शासित नहीं किया जा रहा है और राजनीतिक अभिजात वर्ग शक्तिशाली आपराधिक गुटों के प्रभाव में काम कर रहा है।

प्रदर्शनकारियों का रोष उनके सीधे और स्पष्ट बयानों में साफ़ झलक रहा था, जो उनकी मूलभूत आकांक्षाओं को दर्शाते हैं। जैसा कि विरोध में शामिल एक व्यक्ति ने मुखरता से कहा, हम एक यूरोपीय देश बनना चाहते हैं, न कि भ्रष्टाचार और माफिया द्वारा शासित देश। यह भावना बुल्गारियाई युवाओं की उस सामूहिक इच्छा को प्रतिबिंबित करती है कि उनका देश पश्चिमी यूरोपीय मानकों के अनुसार पारदर्शी, न्यायसंगत और कुशल तरीके से कार्य करे।

ये शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जल्द ही एक हिंसक मोड़ पर पहुंच गए, जिससे सोफिया की सड़कों पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। नकाबपोश प्रदर्शनकारियों के समूहों ने सीधे पुलिसकर्मियों और राजनीतिक पार्टी के कार्यालयों को निशाना बनाया। उन्होंने अधिकारियों पर पत्थर, बोतलें और पटाखे फेंके, जिसके जवाब में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को बल का प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। इन गिरफ्तारियों ने प्रदर्शनकारियों के बीच आक्रोश को और भी बढ़ा दिया है।

देश के राष्ट्रपति, रूमेन रादेव, ने इन हिंसक घटनाओं की कड़ी निंदा की। उन्होंने इन कृत्यों को “माफिया का उकसावा” बताते हुए सरकार पर अपनी जिम्मेदारी से भागने का आरोप लगाया। राष्ट्रपति रादेव ने संकट को समाप्त करने के लिए एक कठोर राजनीतिक कदम की मांग की: उन्होंने सरकार से तत्काल इस्तीफ़ा देने और देश में जल्द चुनाव कराने का आह्वान किया, ताकि जनता को एक नया, विश्वसनीय जनादेश चुनने का मौका मिल सके।

इस बीच, बुल्गारियाई सरकार के अधिकारियों ने जनता की चिंताओं को कम करने और विरोध को शांत करने की कोशिश की है। उन्होंने घोषणा की है कि वे लोगों की मांगों को संबोधित करने के लिए देश के बजट के कुछ हिस्सों में बदलाव करेंगे। हालांकि, यह कदम प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग (सरकार का इस्तीफा) से काफी कम है और यह स्पष्ट नहीं है कि यह व्यापक आक्रोश को शांत करने में कितना प्रभावी होगा।

यह पूरा घटनाक्रम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि जनरेशन ज़ेड अब बुल्गारिया के सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन की मांग में सबसे आगे आ रही है। वे निष्क्रिय दर्शक बने रहने को तैयार नहीं हैं। उनकी सक्रिय भागीदारी और मुखरता यह संदेश देती है कि पुरानी राजनीतिक व्यवस्था अब उनकी बढ़ती हुई आकांक्षाओं को पूरा नहीं कर पाएगी। जेन ज़ेड के नेतृत्व में यह रोष बुल्गारियाई राजनीति में एक नए युग का संकेत है, जहां युवा पारदर्शिता, न्याय और जवाबदेही की मांग के साथ राष्ट्र के भविष्य को आकार देने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं।