Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति देते हैः सुप्रीम कोर्ट खाड़ी संकट की आंच पर पकती भारतीय अर्थव्यवस्था "नेताजी की अस्थियां कहां हैं?"—सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार; याचिकाकर्ता से पूछा ऐसा सवाल क... Share Market Crash Today 2026: क्यों गिरा आज शेयर बाजार? जानें वे 5 बड़े कारण जिनसे निवेशकों को लगा ... Rahul Gandhi in Lok Sabha: लोकसभा में गूंजा ईरान संकट, राहुल गांधी ने सरकार को घेरा; पूछा— "अमेरिका ... Iran Conflict Update: ईरान में फंसे 9000 भारतीय, विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया वतन वापसी का पूरा प्ल... बड़ी खबर: टेरर फंडिंग केस में शब्बीर शाह को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत! 7 साल बाद जेल से आएंगे बाहर... LPG Crisis in Rural Areas: ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव, अब 45 दिन करना... दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बड़ा अपडेट: अभी इतना काम है बाकी, इन वाहनों को नहीं देना होगा 1 रुपया... संसद में गूंजी थाली-चम्मच की आवाज! LPG संकट पर TMC महिला सांसदों का अनोखा विरोध; सदन में भारी हंगामा...

कनाडा के नागरिकता नियमों में बड़ा बदलाव

रिश्ते सुधरे तो भारतीय नागरिकों को लाभ मिलने लगा

ओटावाः कनाडा ने अपने नागरिकता नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है, जिसका विशेष रूप से लॉस्ट कनाडियंस  को नागरिकता वापस दिलाने और अप्रवासियों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह नया कानून, जिसे लॉस्ट कनाडियंस लेजिस्लेशन के नाम से जाना जाता है, अब कानूनी रूप ले चुका है और इसका उद्देश्य दशकों पुराने नागरिकता नियमों में मौजूद विसंगतियों को ठीक करना है।

इस बदलाव का मुख्य फोकस उन लोगों को नागरिकता प्रदान करना है जो तकनीकी कारणों से या पुराने कानूनों के कारण अपनी कनाडाई नागरिकता खो चुके थे या उसे कभी हासिल नहीं कर पाए थे। यह नया कानून हजारों परिवारों को सीधे फायदा पहुंचाएगा, और इसमें बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग भी शामिल हैं जो विभिन्न अप्रवासी श्रेणियों के तहत कनाडा में रह रहे हैं।

इस नए कानून के तहत, ऐसे कई प्रावधान हैं जो उन लोगों के लिए नागरिकता के मार्ग को आसान बनाते हैं जिनके माता-पिता या दादा-दादी कभी कनाडाई नागरिक थे, लेकिन मौजूदा नियमों के कारण वे पात्रता से वंचित थे। यह विशेष रूप से उन भारतीय अप्रवासियों के लिए बल्ले-बल्ले करने वाली खबर है जो दशकों से कनाडा में काम कर रहे हैं, लेकिन नागरिकता प्राप्त करने में जटिलताओं का सामना कर रहे थे।

हालांकि, इस बदलाव पर कुछ राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आई है। अमेरिकी सीनेटर जेडी वेंस ने कनाडा के आव्रजन (Immigration) पागलपन की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि कनाडा के आव्रजन नियमों की पागलपन ने देश के जीवन स्तर को कम कर दिया है। यह टिप्पणी कनाडा में बढ़ती आव्रजन संख्या और आवास एवं सामाजिक सेवाओं पर इसके प्रभाव को लेकर चल रही बहस को दर्शाती है।

इन आलोचनाओं के बावजूद, कनाडा सरकार ने इस कदम को एक मानवीय और न्यायसंगत सुधार के रूप में बचाव किया है, जो देश के मूलभूत मूल्यों को दर्शाता है। इस नए कानून के तहत, कनाडाई नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले लोगों की संख्या में भारी वृद्धि होने की उम्मीद है। इसके अलावा, एक रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कनाडा के एक पुलिस अधिकारी को डेटाबेस का दुरुपयोग करके कई महिलाओं को निशाना बनाने के लिए डीपोर्टेशन का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कनाडा के सामाजिक और कानूनी परिदृश्य की जटिलता सामने आती है।

इस लॉस्ट कनाडियंस कानून को कनाडा के आप्रवासन इतिहास में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है। इसका लक्ष्य एक अधिक समावेशी और निष्पक्ष नागरिकता प्रणाली बनाना है, जो कनाडा को बहुसांस्कृतिक और बहुजातीय देश के रूप में मजबूत करेगा।