नाइजीरिया में सामूहिक अपहरण की घटनाएं अब भी निरंतर जारी
अबूजाः नाइजीरिया में सुरक्षा की स्थिति तब और बिगड़ गई जब अज्ञात बंदूकधारियों ने एक कैथोलिक स्कूल पर हमला किया और 300 से अधिक स्कूली बच्चों का अपहरण कर लिया। नाइजीरिया के एक कैथोलिक स्कूल से 315 बच्चों के सामूहिक अपहरण से पूरे देश में हड़कंप मच गया है। यह सामूहिक अपहरण देश में बढ़ती हुई सामूहिक अपहरण की घटनाओं की एक और भयावह कड़ी है, जिसने नाइजीरियाई सरकार और सुरक्षा एजेंसियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पहले से ही नाइजीरिया में ईसाई समुदायों को निशाना बनाने वाले समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अमेरिकी सैन्य धमकी के बाद व्यापक प्रयास कर रहा है। नाइजीरिया में सशस्त्र समूहों द्वारा फिरौती के लिए सामूहिक अपहरण की घटनाएं अक्सर होती रही हैं, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर बच्चों को निशाना बनाना एक विशेष रूप से दर्दनाक घटना है।
अपहरण किए गए बच्चों की संख्या को लेकर विभिन्न रिपोर्टें सामने आई हैं। कुछ रिपोर्टों में 315 बच्चों का उल्लेख है, जबकि अन्य में 300 से अधिक कहा गया है। पोप लियो ने भी शेष अपहृत लोगों की रिहाई की अपील की है। हालांकि, कुछ अच्छी खबर भी सामने आई है: एक ईसाई समूह के अनुसार, बंदूकधारियों द्वारा अगवा किए गए 50 बच्चे भागने में सफल रहे हैं। इस पलायन की खबर से उन परिवारों को थोड़ी उम्मीद मिली है जिनके बच्चे अभी भी बंधक हैं।
नाइजीरिया के सुरक्षा बलों ने अपहृत बच्चों की तलाश और बचाव के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है, लेकिन इन दूरदराज के इलाकों में अपराधियों का पता लगाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य बना हुआ है। नाइजीरिया के राष्ट्रपति और उनकी सरकार पर घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारी दबाव है कि वे इन बच्चों को सुरक्षित वापस लाएं और देश में सुरक्षा संकट को संबोधित करें।
इस घटना ने एक बार फिर नाइजीरिया में शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा और देश में हिंसा की व्यापकता पर ध्यान केंद्रित किया है। अपहरण की यह घटना नाइजीरिया में बढ़ते आतंकवाद और संगठित अपराध के खतरों को रेखांकित करती है, जहां बंदूकधारी गिरोह अक्सर समुदायों को आतंकित करने और फिरौती के लिए लोगों को अगवा करने के लिए स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाते हैं। यह संकट विशेष रूप से देश के उत्तरी क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है, जहां इस्लामी आतंकवादी और अपराधी गिरोह दोनों सक्रिय हैं।
इस घटना के बाद, नाइजीरिया के ईसाई समूह भी अमेरिकी सरकार से सुरक्षा के लिए व्यापक प्रयासों की मांग कर रहे हैं, खासकर ट्रम्प प्रशासन द्वारा सैन्य कार्रवाई की धमकी दिए जाने के बाद। यह देखना बाकी है कि नाइजीरियाई अधिकारी अपहृत बच्चों को सुरक्षित कैसे वापस लाते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाते हैं। यह घटना देश की पहले से ही अस्थिर सुरक्षा स्थिति को और जटिल बना रही है।