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 चीन के नए पंचवर्षीय योजना की घोषणा

अमेरिका को तकनीकी तौर पर चुनौती देने की मोर्चेबंदी

बीजिंगः अक्टूबर 2025 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के चौथे पूर्ण सत्र में देश की आगामी 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) की दिशा पर महत्वपूर्ण चर्चाएँ हुईं, जिसने बीजिंग के आर्थिक और तकनीकी भविष्य की रूपरेखा तैयार की है। हालांकि औपचारिक योजना मार्च 2026 तक जारी नहीं होगी, इस प्लेनम से जारी विज्ञप्ति ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि चीन का मुख्य ध्यान अब आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रभुत्व पर केंद्रित होगा।

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा और व्यापारिक तनाव चरम पर है। इस योजना का केंद्र बिंदु उच्च तकनीक विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए आई), सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग और एयरोस्पेस जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देना है।

अमेरिकी राजनीतिक और आर्थिक गलियारों में इस योजना को एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि चीन अपनी स्वदेशीकरण की महत्वाकांक्षाओं में सफल होता है, तो यह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में और अधिक विखंडन पैदा कर सकता है।

अमेरिका ने पहले ही चीन पर उन्नत प्रौद्योगिकी निर्यात पर प्रतिबंध लगा रखा है, लेकिन बीजिंग अब इस दबाव का जवाब अपने घरेलू प्रतिभा विकास और अनुसंधान एवं विकास में बड़े पैमाने पर निवेश करके देना चाहता है। चीनी नेतृत्व का मानना है कि प्रौद्योगिकी पर नियंत्रण ही भविष्य की वैश्विक शक्ति की कुंजी है।

अमेरिका के लिए यह पंचवर्षीय योजना एक जागृति का आह्वान है। इसके जवाब में, अमेरिका ने अपने घरेलू सेमीकंडक्टर विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए नए कानून बनाए हैं और वैश्विक स्तर पर चीन को दरकिनार करते हुए नए प्रौद्योगिकी गठबंधन (जैसे क्वाड और एयूकेयूएस के तहत तकनीकी सहयोग) बनाने पर जोर दे रहा है।

चीनी योजना में निजी क्षेत्र को और अधिक लचीलापन देने के संकेत हैं, लेकिन साथ ही राज्य-पूंजीवाद की केंद्रीय भूमिका को भी मजबूत किया जाएगा, जिससे पश्चिमी कंपनियों के लिए चीनी बाजार में काम करना और भी जटिल हो सकता है। यह घटनाक्रम अगले पांच वर्षों के लिए वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा, तकनीकी नवाचार की गति और भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की तीव्रता को निर्धारित करेगा।