भोपाल में दिल दहला देने वाली घटना! 4 साल से बड़ा बेटा था अलग, छोटे ने भी छोड़ा साथ, तन्हाई से तंग आकर माँ ने लगाई फांसी
मध्य प्रदेश के भोपाल में एक दुखद घटना सामने आई है. यहां छोला मंदिर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने फांसी लगाकर जान दे दी. पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि महिला अपने बेटों के घर से अलग होकर रहने से बेहद दुखी थी. हालांकि, घटना स्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.
गुरुवार को पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमॉर्टम कराया है. पुलिस के अनुसार, मृतका आशा बाई, पति गेंदालाल यादव के साथ प्रवेश नगर, मालीखेड़ी में रहती थीं. वह गृहिणी थीं और उनके दो बेटे व दो बेटियां हैं. चारों बच्चों की शादी हो चुकी है. दोनों बेटे अपने-अपने परिवार के साथ अलग रह रहे थे, जिससे आशा बाई काफी व्यथित रहती थीं.
अकेलेपन से परेशान थी आशा
परिजनों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से वह अकेलेपन और उपेक्षा की भावना से परेशान थीं. छोटे बेटे संजय यादव के मुताबिक, 28 अक्टूबर को उसकी मां से छोटा विवाद हो गया था. मां ने उससे कुछ घरेलू सामान मंगाने के लिए कहा, लेकिन उसने मना कर दिया. इस पर मां ने डांट दी, जिससे गुस्से में वह घर छोड़कर चला गया. 2 नवंबर से वह पत्नी और बच्चों के साथ किराए के मकान में रहने लगा था. परिवार से अलग होने के बाद मां अक्सर उदास रहती थीं.
संजय के अनुसार, वह दो दिन पहले ही मां से मिलने आया था. मां ने उससे कहा था कि उसका अकेले में मन नहीं लग रहा है. तुम सभी घर आ जाओ. अगर ऐसा नहीं है तो बच्चों को मेरे पास छोड़ दो. इस पर उसने मां को बताया कि वह काम से कहीं बाहर जा रहा है. जैसे ही वापस आएगा, वह बच्चों को लेकर मां से मिलवाने आएगा. आशा का बड़ा बेटा भी चार साल से मां से अलग रह रहा था. उनकी दोनों बेटियों की शादी भी हो चुकी है.
संजय ने कहा कि वह काफी उदास थीं. लेकिन उसे ये कतई उम्मीद नहीं थी कि वे इतना बड़ा कदम उठा लेंगी. बुधवार रात संजय को पिता गेंदालाल ने फोन कर घटना की जानकारी दी. वह तुरंत घर पहुंचा, जहां उसकी मां का शव फांसी के फंदे से उतारा जा चुका था.
‘छोटे बेटे से अक्सर कहासुनी होती थी’
पड़ोसियों के अनुसार, आशा बाई एक नेक महिला थीं. उनका स्वभाव भी काफी शांत था. हालांकि, बेटों के जाने से वह काफी मायूस दिखती थीं. परिवार के लोगों ने बताया कि घर के खर्च और आर्थिक सहयोग को लेकर मां-बेटे के बीच विवाद बढ़ने लगा था. शादी के बाद संजय की आर्थिक जिम्मेदारियां बढ़ गई थीं और वह पहले की तरह नियमित रूप से घर का खर्च नहीं दे पा रहा था. इसी बात से मां नाराज रहती थीं, और अक्सर दोनों के बीच कहा-सुनी हो जाती थी.
पुलिस का कहना है कि घटना स्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि महिला ने किन परिस्थितियों में यह कठोर कदम उठाया. फिलहाल पुलिस परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है और आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों को समझने का प्रयास कर रही है. शुरुआती जांच में पारिवारिक तनाव और अकेलेपन को संभावित कारक माना जा रहा है.