संयुक्त राष्ट्र ने फिर से दोनों देशों से संयम बरतने को कहा
तेल अवीवः इज़रायल और लेबनान की सीमा पर तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। इजरायली सेना ने उत्तरी सीमा पर स्थित लेबनान के ठिकानों पर जवाबी हवाई हमले किए हैं, जिसके जवाब में लेबनान स्थित एक प्रमुख सशस्त्र समूह ने इजरायल के सैन्य चौकियों पर रॉकेट दागे हैं।
यह नवीनतम वृद्धि तब हुई जब लेबनान की ओर से सीमा पार कर इजरायली क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की गई, जिसके परिणामस्वरूप इजरायली सेना के तीन जवानों की मौत हो गई। इज़रायली रक्षा बलों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए लेबनान के अंदर कई ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें एक निगरानी चौकी और एक रॉकेट लॉन्च साइट शामिल है। IDF ने दावा किया है कि उसके हमले उन ठिकानों पर केंद्रित थे जहाँ से घुसपैठियों ने कार्रवाई की थी।
लेबनान स्थित सशस्त्र समूह ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि यह इजरायल द्वारा लेबनानी संप्रभुता के बार-बार उल्लंघन का बदला है। इस गोलाबारी और जवाबी कार्रवाई ने दोनों देशों के बीच पूर्ण संघर्ष के जोखिम को बढ़ा दिया है।
संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल, जो सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए तैनात है, ने दोनों पक्षों से तत्काल संयम बरतने और स्थिति को बिगड़ने से रोकने का आग्रह किया है। शांति सेना के प्रमुख ने कहा है कि इस तरह की आक्रामक कार्रवाइयाँ पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकती हैं।
यह क्षेत्र पहले से ही राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता से जूझ रहा है। लेबनान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, जबकि इज़रायल अपनी आंतरिक राजनीतिक चुनौतियों से निपट रहा है। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि दोनों पक्ष बड़े पैमाने पर युद्ध नहीं चाहते हैं, लेकिन एक छोटी सी गलत गणना भी स्थिति को नियंत्रण से बाहर कर सकती है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस सीमा पर तनाव कम करने के लिए राजनयिक प्रयासों में जुट गया है, लेकिन स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है।