ग्रामीण जवाहिर प्रसाद ने बताया कि सचिव राजकुमार यादव कभी ग्राम खोहरा में नहीं आते हैं.सचिव को ढूंढने के लिए ग्रामीण वाहन में पैसा खर्च करके जनकपुर जाते हैं.लेकिन वहां भी सचिव के दर्शन नहीं होते. ग्रामीण रामलखन सिंह ने बताया कि सचिव राजकुमार यादव केवल एक या दो बार ही गांव आए हैं.
ग्राम सभा की बैठक के दौरान भी सचिव नहीं आते. सचिव अपने काम को गंभीरता से नहीं लेते हैं और ग्रामीणों की समस्याओं को अनदेखा कर रहे हैं- रामलखन सिंह,ग्रामीण
पंचायत के खाते से निकाली गई राशि : उपसरपंच चंद्रप्रताप सिंह ने बताया कि सचिव राजकुमार यादव ने पंचायत खाते से 4 लाख 82 हजार 452 रुपये बिना कार्य निर्माण कराए और बिना किसी की जानकारी के निकाल लिए हैं. इसकी शिकायत जिला कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और एसडीएम भरतपुर से की गई थी. एसडीएम साहब ने जांच टीम भेजी और जांच हुई. जांच में पाया गया कि कोई कार्य निर्माण नहीं हुआ है, लेकिन जांच का पता नहीं चला कि क्या हुआ और क्या कार्यवाही हुई.
हमारी मांग है कि सचिव ने जितनी राशि का गबन किया है उसे वापस लिया जाए. साथ ही साथ उसे पद से हटाकर दंडात्मक कार्रवाई की जाए- चंद्रप्रताप सिंह, उपसरपंच
सचिव ने आरोपों का किया खंडन : ग्राम पंचायत खोहरा के सचिव राजकुमार यादव ने ग्रामीणों और सरपंच, उप सरपंच के लगाए गए आरोपों का खंडन किया है. सचिव ने बताया कि जो राशि निकाली गई है उससे विकास कार्य हुए हैं. जिसमें प्राथमिक शाला खोहरा का रनिंग मरम्मत कार्य, आंगनबाड़ी खोहरा का रनिंग मरम्मत, ग्राम पंचायत खोहरा का रनिंग मरम्मत कार्य, सोलर ट्यूब बेल दो बार बनवाने जैसे कई काम शामिल हैं.
सभी कार्यों का प्रस्ताव ग्राम पंचायत से पास है, प्रशासनिक स्वीकृति है, ग्रामसभा से प्रस्ताव पास है और व्यय का मूल्यांकन पास है. सरपंच ने पूरे बिलों में साइन किया है. मुझ पर झूठे आरोप लगाकर परेशान किया जा रहा है.मैं स्वयं अपना स्थानांतरण दूसरे जगह पर चाहता हूं,ताकि अपनी ड्यूटी निर्विरोध के कर सकूं- राजकुमार यादव, सचिव
गांव ना जाने पर दी सफाई : सचिव राजकुमार यादव ने बताया कि उनका 2014 में एक्सीडेंट हुआ था, जिसके कारण वह बाइक उबड़ खाबड़ा रोड में नहीं चला सकते हैं. उन्होंने बताया कि जब कभी फोर व्हीलर गाड़ी मिल जाती है, तब वह जाते हैं और सप्ताह में या महीने में अगर कोई बाइक चलाने वाला मिल जाता है, तो भी गांव में जाते हैं.
जिम्मेदारों ने नहीं दिया जवाब : इस बारे में जब मुख्य कार्यपालन अधिकारी भरतपुर अजय सिंह राठौर से बात की गई, लेकिन उन्होंने ऑन रिकॉर्डिंग बयान देने से इनकार कर दिया. अजय सिंह राठौर ने कहा कि उच्च अधिकारियों ने बयान देने से मना किया है, इसलिए वो ऑन रिकॉर्ड बयान नहीं दे सकते. उन्होंने बताया कि सचिव के गबन की शिकायत उनके पास और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के पास की गई थी.अनुविभागीय अधिकारी ने जांच टीम गठित करके जांच करवाई.जिसका प्रतिवेदन उनके पास नहीं आया है.