Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
तमिलनाडु में नीट (NEET) पीड़ित अभ्यर्थियों के परिवारों से मिले राहुल गांधी, केंद्र सरकार पर साधा तीख... रोहतास EO विमल कुमार हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, सरकारी ड्राइवर ही निकला हत्यारा केरल में बारिश का कहर! भूस्खलन और फ्लैश फ्लड में 8 की मौत, 8 लापता; 200 से अधिक राहत शिविरों में भेज... प्रयागराज में राहुल गांधी के 'गूंज' छात्र संवाद की तैयारियों के बीच हंगामा! कांग्रेस बैठक में आपस मे... दिल्ली की जेलों में अप्राकृतिक मौत पर मिलेगा 7.5 लाख तक का मुआवजा: दिल्ली सरकार ने अधिसूचित की नई यो... पुणे में आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान परिवार ने किया सुसाइड: माता-पिता और 19 साल की बेटी की मौत, सु... पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पर दिल्ली में हमले की कोशिश, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समर्थकों ने आरोपी क... उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में शांति रैली के दौरान आत्मघाती हमला, 5 पुलिसकर्मियों सहि... कांकेर में तबाही का एनीकट! महानदी का पानी घुसने से 200 एकड़ खेत डूबे, 10 साल से परेशान बागोड़ के किस... जांजगीर में कान की बाली खोजने बच्चों पर कराया तंत्र-मंत्र: शिक्षिका गीता कुंभकार निलंबित, कलेक्टर के...

एनडीए की बड़ी जीत के बीच आर के सिंह निलंबित

पार्टी के खिलाफ मुखर होने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री को सजा

  • 62 हजार करोड़ का बिजली घोटाला था

  • सीधे अडाणी के लाभ पर हमला किया था

  • बिहार की भलाई के लिए आवाज उठाया था

राष्ट्रीय खबर

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ता में दमदार वापसी की है। चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद एक बार फिर नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ एनडीए, जिसका नेतृत्व जनता दल-यूनाइटेड के नीतीश कुमार कर रहे थे, और राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले विपक्षी महागठबंधन के बीच था। हालाँकि, चुनाव के अंतिम परिणामों ने एनडीए को स्पष्ट बहुमत दे दिया, जिससे महागठबंधन की उम्मीदों पर पानी फिर गया।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने बिहार के बिजली क्षेत्र में एक बड़े घोटाले का विस्फोटक आरोप लगाया था। आर.के. सिंह ने दावा किया था कि बिहार में यह 62,000 करोड़ रुपया का बहुत बड़ा बिजली घोटाला है। उन्होंने यह राशि 25 साल की अवधि के लिए बिहार सरकार द्वारा जनता की जेब से अधिक भुगतान के रूप में आंकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार ने अडानी समूह के साथ 25 साल के लिए बिजली खरीद का समझौता किया है, जो अत्यधिक महंगी दरों पर किया गया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता 6.075 रुपया प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदने के लिए किया गया है, जो उस समय की बाजार दर से काफी अधिक है।

आर.के. सिंह का सबसे बड़ा आरोप यह था कि इस करार में  4.16 रुपये प्रति यूनिट की ऊंची फिक्स्ड कॉस्ट तय की गई है। इसका मतलब यह है कि बिहार सरकार बिजली की एक भी यूनिट खरीदे या न खरीदे, उसे यह भारी राशि अडानी समूह को चुकानी ही पड़ेगी। उन्होंने गणना की कि इस अत्यधिक महंगी दर और फिक्स्ड कॉस्ट के कारण बिहार की जनता पर प्रति वर्ष लगभग 2,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जो 25 वर्षों में 62,000 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा।

उन्होंने इस पूरे मामले की गहन और तत्काल सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने यह भी मांग की थी कि इस करार को तुरंत रद्द किया जाए और इसमें शामिल बिहार सरकार के मंत्री और भ्रष्ट अधिकारियों पर आपराधिक मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।  उन्होंने अपने आरोपों को सही ठहराते हुए कहा था कि वह पूर्व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री रह चुके हैं और बिहार की भलाई के लिए उन्हें यह जानकारी एक व्हीसल ब्लोअर द्वारा दी गई है।

उन्होंने जोर देकर कहा था कि चोरी और सीना जोरी साथ नहीं चल सकती। भ्रष्टाचार पर चुप रहना हमारे संस्कार में नहीं है। आर.के. सिंह ने ये आरोप बिहार विधानसभा चुनाव के ठीक पहले लगाए थे, जिससे एनडीए गठबंधन के भीतर भारी विवाद उत्पन्न हो गया था और बाद में उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण भाजपा से निलंबित कर दिया गया था।